आरती के बाद महिलाओं, बच्चों और पुरुषों ने दिखाई अटूट श्रद्धा

आलोट।
नगर के प्राचीन अनादिकल्पेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आस्था और परंपरा का अद्भुत नजारा देखने को मिला। यहां श्रद्धालुओं ने धधकते अंगारों से सजी चूल पर नंगे पैर दौड़कर अपनी आस्था प्रकट की। इस अनूठे धार्मिक आयोजन को देखने बड़ी संख्या में लोग मंदिर प्रांगण में जुटे।

परंपरा के अनुसार चूल जलाने से पहले हिंगलाज माता की पूजन अर्चन रावल परिवार की और से की गई पूजन मे नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि अभिषेक जेन पूर्व नगर परिषद उपाध्यक्ष अनिल भरावा नायब तहसीलदार दार समिति सदस्य मनीष पांचाल कुलदीव सांवरिया विजेंद्र सिंह सोलंकी की उपस्थित मे संपन हुई पूजन के बाद आरती की गई। इसके बाद चूल मे अग्नि प्रजवलित की गई जैसे हीं आग धधकते अंगारे मे तब्दील हुवे श्रद्धालु माता रानी और भोले नाथ के जय कारे लगाते हुवे नंगे पैर चूल पर दौड़ पड़े। खास बात यह रही कि इस आस्था की परीक्षा में महिलाएं, बच्चे और पुरुष सभी बढ़-चढ़कर शामिल हुए।
मंदिर परिसर में “हर-हर महादेव” के जयकारों के बीच श्रद्धालु धधकते अंगारों पर दौड़ते नजर आए। मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ चूल पर दौड़ने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, इसी विश्वास के साथ बड़ी संख्या में भक्तों ने यह कठिन आस्था निभाई। यह परम्परा होली के बाद धुलेडी पर निभाई जाती हैं
आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही और पूरा वातावरण भक्ति व आस्था से सराबोर हो गया। वहीं सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन के साथ स्थानीय समिति के सदस्य भी मौके पर मौजूद रहे।
