
हड़ताल में मुख्य रूप से 4 श्रम संहिताओं को खत्म करने,नौकरी की हायर एंड फायर नीति के विरोध में, हड़ताल के अधिकार बहाल करने और न्यूनतम वेतन लागू करने और सेल्स प्रमोशन एक्ट 1976 को बहाल करने जैसे मुद्दे मुख्य रूप से शामिल हैं।
सभा स्थल का नाम कामरेड अश्विनी शर्मा हाल रखा गया|

सभा को श्रम संगठनों की संयुक्त समिति के अध्यक्ष आई एल पुरोहित ने संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार निरंतर कॉरपोरेट को फायदा पहुंचाने हेतु श्रम कानून में बदलाव कर रही है। मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव यूनियन के राज्य सचिव अभिषेक जैन ने दवा एवं चिकित्सा उपकरणों पर 0% जीएसटी,एसपी एक्ट 1976 को लागू करने और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का दुरुपयोग रोकने की मांग करी।
सभा को सीटू के मांगीलाल नागवत, प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन के कीर्ति शर्मा, आंगनवाड़ी एकता यूनियन की कृष्णा सोनगरा, आशा उषा एकता यूनियन की मीनाक्षी गौड, जनवादी लेखक संघ के रणजीत सिंह राठौड़, जनवादी महिला संघ की गीता राठौर, बैंक पेंशनर्स एसोसिएशन के नरेंद्र जोशी, आरएमएस से भारत राठौड़, आयकर कर्मचारी महासंघ के शांतिलाल शर्मा एवं मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव यूनियन के सह सचिव अविनाश पोरवाल ने संबोधित किया । सभा का संचालन यूनियन के सचिव निखिल मिश्रा ने एवं आभार प्रदर्शन शाखा के उपाध्यक्ष रशिद खान ने किया।
सभा के बाद श्रम संगठनों की संयुक्त समिति के तत्वाधान में नारेबाजी कर सभी संगठनों के ज्ञापन को प्रधानमंत्री के नाम पर ज्ञापन तहसीलदार श्रीमान पांडेजी को दिया गया जिसका वाचन विनय दुबे ने किया।
बैठक में चिंटू कुमार,दीपक पांचाल, स्नेहिल मोघे, राकेश मालवीय, गोपाल चौहान, सचिन तिवारी, सुधीर चौधरी, विजय, श्यामलाल एवं अन्य उपस्थित थे।