इलाज के बहाने धर्म परिवर्तन का दबाव, कहा- बीमारी से ठीक होना है तो ईसाई धर्म स्वीकार करो; 4 के खिलाफ केस दर्ज

रतलाम। रतलाम में इलाज के बहाने धर्म परिवर्तन करने का शक सही निकला। पुलिस ने तीन नामजद व एक अज्ञात समेत चार लोगों के खिलाफ मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3 व 5 के तहत केस दर्ज किया। एक आरोपी बांसवाड़ा का है तो दूसरा रतलाम मेडिकल कॉलेज में पेरामेडिकल स्टाफ (नर्सिंग स्टूडेंट) है।
बता के 5 सितंबर की दोपहर थाना औद्योगिक क्षेत्र अंतर्गत टैंकर रोड पर झोपड़ी में इलाज के बहाने धर्मांतरण की सूचना पर हिंदू संगठनों के पदाधिकारी पहुंचे थे। मौके से चार लोगों को पकड़ा था। जब हिंदू संगठन पदाधिकारी पहुंचे तो बड़ी संख्या में जनजातीय वर्ग की महिला व बच्चे वहां पर मिले थे। सभी को इलाज व प्रार्थना के बहाने बुलाया था। झोपड़ी में से बाइबल व क्रॉस भी मिला था। सूचना पर पुलिस ने पहुंच कर चार लोग को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
घटनाक्रम के अगले दिन शनिवार शाम को पुलिस ने विरियाखेड़ी निवासी कैलाश पिता नाथूलाल निनामा की शिकायत धर्मांतरण की एफआईआर दर्ज की।
प्रभु यीशु तुम्हारे दुख दूर करेंगे
कैलाश निनामा की तरफ से दर्ज रिपोर्ट में बताया कि वह अनुसूचित जनजाति में आता है। मजदूरी करता है। करीबन चार पांच माह पहले स्वास्थ्य खराब होने से मैं मेडिकल कालेज रतलाम इलाज के लिए गया। वहां पर जगदीश निनामा मिला। उसने कहा कि तुम्हे बीमारी में फायदा न हो तो मुझसे मिलना। मैं अपना इलाज कराकर अपने घर आ गया।
कुछ दिन बाद मुझे जगदीश मिला उसने कहा कि मैं प्रभु यीशु की प्रार्थना करता हूं। वो हमारी प्रार्थना स्वीकार करते हैं। मैं तुम्हारे लिए भी प्रार्थना करूंगा। प्रभु यीशु तुम्हारे सारे दुख दूर करेंगे। तुम्हे फायदा पहुंचाएंगे। आज से तीन चार दिन पहले मुझे जगदीश मिला था जिसने मुझे कहा था कि मेरे भाई विक्रम निनामा के घर शिवनगर रतलाम में प्रत्येक शुक्रवार को प्रभु यीशु की प्रार्थना होती है तुम शिवनगर में आ जाना।
हमेशा बीमारी से ठीक होना है तो प्रार्थना करो
रिपोर्ट में बताया कि 5 सितंबर मैं सुबह करीब 9 बजे शिवनगर रतलाम में जगदीश के भाई विक्रम के घर पर गया था। जहां पर जगदीश निनामा, विक्रम निनामा, मांगीलाल व अन्य लोग मिले। कुछ समय बाद विक्रम ने उसके घर के अंदर प्रभु यीशु की प्रार्थना की। प्रार्थना के बाद देवी प्रसादी लेने के बाद लगभग सभी लोग चले गए थे मैं वही पर था।
जगदीश, विक्रम, मांगीलाल व अन्य व्यक्तियों ने कहा कि तुम बार-बार बीमार होते हो और जो बीमारी है वह प्रभु यीशु नियमित प्रार्थना से दूर होगी। मेरे भाई विक्रम निनामा ने प्रभु यीशु की प्रार्थना से कई लोगों की बीमारी ठीक की है। यदि तुम हमेशा बीमारी से ठीक होना चाहते हो तो प्रभु यीशु के सामने प्रार्थना करो। ईसाई धर्म को स्वीकार करो क्योंकि प्रभु यीशु सबकी बीमारी ठीक करते है। इसलिए तुम्हारी भी ठीक कर देंगे।
धर्म परिवर्तन का बनाया दबाव
कैलाश निनामा ने रिपोर्ट में बताया कि जगदीश, विक्रम, मांगीलाल व अन्य लोगों ने मेरे ऊपर धर्म परिवर्तन करने का मेरी इच्छा के खिलाफ दबाव बनाया। वहां पर देवी प्रसाद लिया था इस कारण मानसिक संतुलन खो बैठा था। विक्रम निनामा व उसके साथी वहां पर सामूहिक धर्म संपरिवर्तन अनेक लोगों का करवा रहे थे। कई लोगों की आंखों पर रुमाल बांधकर व सिर पर हाथ रखकर प्रार्थना करवा रहे थे। इसमें महिलाएं व बच्चे जिनकी आयु 18 वर्ष से कम थी वह वहां पर मौजूद थे। पुलिस ने जगदीश निनामा निवासी गंगासागर रतलाम, विक्रम निनामा शिवनगर रतलाम, मांगीलाल निवासी बांसवाड़ा राजस्थान व एक अज्ञात के खिलाफ मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3 व 5 के तहत केस दर्ज किया।

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