रतलाम। जिले में अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों के मुआवजे और किसानों की अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को कांग्रेस की ट्रैक्टर रैली कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां ट्रैक्टर को परिसर में ले जाने को लेकर कांग्रेसियों और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की हो गई।
पुलिस अधिकारियों ने ट्रैक्टर को अंदर घुसने से रोका, जिस पर कांग्रेस कार्यकर्ता गेट धकेलते हुए भीतर घुसने लगे। हालात तनावपूर्ण हो गए, लेकिन पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए स्थिति को काबू में किया।
इस रैली का नेतृत्व किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान, पूर्व मंत्री कांतिलाल भूरिया और जिला कांग्रेस अध्यक्ष हर्षविजय गेहलोत ने किया। रैली के अंत में कांग्रेसियों ने एडीएम डॉ. शालिनी श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा और प्याज की माला भी भेंट की।
कांग्रेस नेताओं ने संभाली ट्रैक्टर की कमान
रैली में किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान खुद ट्रैक्टर चलाते नजर आए। उनके साथ पूर्व मंत्री कांतिलाल भूरिया और जिलाध्यक्ष हर्षविजय गेहलोत भी ट्रैक्टर पर सवार थे। बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता सुबह से ही रैली में शामिल होने के लिए सब्जी मंडी में एकत्र हो गए थे। रैली सैलाना बस स्टैंड चौराहा, लोकेंद्र टॉकीज, नगर निगम, छत्रीपुल, कोर्ट चौराहा और फव्वारा चौक होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची।
कलेक्ट्रेट गेट पर कांग्रेसियों और पुलिस के बीच झड़प
जैसे ही ट्रैक्टर रैली दोपहर 3:15 बजे कलेक्ट्रेट पहुंची, कांग्रेस कार्यकर्ता ट्रैक्टर समेत अंदर घुसने की कोशिश करने लगे। इस पर पहले से तैनात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने गेट बंद कर दिया। ट्रैक्टर को अंदर ले जाने को लेकर कांग्रेसियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थिति तनावपूर्ण हो गई, लेकिन पुलिस ने ट्रैक्टर अंदर नहीं जाने दिया।
एसडीओपी संदीप मालवीय, थाना औद्योगिक क्षेत्र प्रभारी गायत्री सोनी और स्टेशन रोड थाना प्रभारी स्वराज डाबी बल के साथ ट्रैक्टर के सामने खड़े हो गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जबरन गेट खोल दिया, लेकिन पुलिस ने दोबारा गेट बंद कर स्थिति संभाली।
सरकार पर लगाया किसानों की अनदेखी का आरोप
जिलाध्यक्ष हर्ष विजय गेहलोत ने आरोप लगाया कि, सीएम मोहन यादव जब सैलाना आए थे तो उन्होंने किसानों से मिलने की बजाय उन्हें हटवाया। यहां तक कि पुलिस अधीक्षक को भी किसानों को हटाने के लिए फटकारा गया। यह किसानों का अपमान है। उन्होंने कहा कि बारिश से भारी नुकसान हुआ है, सरकार सिर्फ सर्वे की बात कर रही है, लेकिन मुआवजा कब मिलेगा, यह साफ नहीं है।
पूर्व मंत्री बोले- सरकार ने कलेक्टर को ज्ञापन नहीं लेने के निर्देश दिए
पूर्व मंत्री कांतिलाल भूरिया ने कहा कि, हम सैकड़ों ट्रैक्टर लेकर आए हैं, लेकिन कलेक्टर मौजूद नहीं हैं। पहले ही सरकार ने उन्हें ज्ञापन न लेने के निर्देश दे दिए थे। कई गांवों से ट्रैक्टर आ रहे थे, उन्हें रास्ते में रोक दिया गया।
एडीएम को दिया ज्ञापन, प्याज की माला भी दी
कलेक्टर की गैरमौजूदगी में कांग्रेस नेताओं ने अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव को ज्ञापन दिया। इसके साथ ही प्याज की माला भी भेंट की गई, जिससे सरकार को किसानों की तकलीफ का एहसास कराया जा सके।
किसानों की मुख्य मांगें
- सोयाबीन की 70त्न फसल खराब हो चुकी है, सरकार तत्काल मुआवजा दे।
- फसल बीमा की राशि किसानों के खातों में जल्द डाली जाए और बीमा कंपनियों की गड़बडिय़ां दूर की जाएं।
- सर्वे से वंचित किसानों को भी मुआवजे का लाभ मिले।
- खाद की कमी हर साल हो रही है, पंचायत स्तर तक पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
- प्याज की कीमत लागत से भी नीचे है, सरकार 15 रुपए किलो की दर से खरीदी शुरू करे।
- सिंचाई ट्रांसफार्मरों की समस्या हर साल होती है, इन्हें समय पर बदला जाए और हर ग्रेड स्तर पर उपलब्ध कराया जाए।
बड़े आंदोलन की चेतावनी दी
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष (ग्रामीण) हर्ष विजय गेहलोत ने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है। किसानों के अधिकारों के लिए कांग्रेस की लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार को जगाने के लिए यह रैली निकाली गई है और अगर मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और तेज होगा।
यह रहे उपस्थित
रैली और प्रदर्शन में किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राजेश भरावा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा, पूर्व शहर अध्यक्ष महेंद्र कटारिया, किसान नेता राजेश पुरोहित, कांग्रेस नेत्री यास्मीन शेरानी, रश्मि सिंह, शैलेंद्र सिंह अठाना, राजीव रावत, अभिषेक शर्मा, दादू बना समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता व किसान मौजूद रहे।