14 किसानों को 3-3 साल की जेल:ब्रांच और लोन मैनेजर को भी 2 साल की सजा; 15 साल पुराने KCC लोन घोटाले में फैसला

रतलाम। जिले में 15 साल पहले अपात्र किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन बांटने के घोटाले में कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। विशेष न्यायालय ने बैंक ऑफ इंडिया के तत्कालीन मैनेजर और लोन मैनेजर समेत 14 किसानों को दोषी ठहराते हुए जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने बैंक मैनेजर बीएल पाटीदार और लोन मैनेजर दिलीप मेहता को 2-2 साल, जबकि सभी 14 किसानों को 3-3 साल कैद की सजा सुनाई है। सभी पर जुर्माना भी लगाया गया है।

ऐसे सामने आया था 15 साल पुराना घोटाला यह मामला जनवरी 2010 का है, जब बैंक ऑफ इंडिया के आंचलिक प्रबंधक को गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। जांच में पता चला कि बैंक मैनेजर ने दलालों के माध्यम से फर्जी KCC लोन प्रकरण बनाए हैं। जांच टीम ने रतलाम शाखा की 110 KCC फाइलों की जांच की और राजस्व विभाग की वेबसाइट से उनके भू-रिकॉर्ड का मिलान किया। इसमें बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी सामने आई।

भूमिहीन को भी दे दिया 8 लाख का लोन जांच में पाया गया कि बैंक मैनेजर बद्रीलाल पाटीदार और लोन मैनेजर दिलीप मेहता ने मिलीभगत कर नियमों की अनदेखी की। उन्होंने बिना जमीन का निरीक्षण किए और बिना दस्तावेजों की सही जांच किए ही लोन पास कर दिए। कई किसान भूमिहीन थे, फिर भी उन्होंने खुद को बड़े किसान बताकर लाखों का लोन ले लिया। वहीं, कुछ ने कम जमीन को कई गुना ज्यादा बताकर मोटी रकम उठा ली।

मैनेजर-लोन मैनेजर को 2-2 साल, किसानों को 3-3 साल की सजा विशेष न्यायाधीश संजीव कटारे ने फैसला सुनाते हुए बैंक मैनेजर बद्रीलाल पाटीदार और लोन मैनेजर दिलीप मेहता को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और धोखाधड़ी की धाराओं में 2-2 साल की सजा और 2-2 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। वहीं, लोन लेने वाले 14 अपात्र किसानों को धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज बनाने की धाराओं में 3-3 साल की सजा और 3-3 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

किसने की कितनी धोखाधड़ी

  • महेश पाटीदार: भूमिहीन होने के बावजूद 11.52 हेक्टेयर जमीन बताकर 8 लाख का लोन लिया।
  • मदनलाल पाटीदार: भूमिहीन होने पर भी 11.61 हेक्टेयर जमीन बताकर 8 लाख का लोन ले लिया।
  • अनोखीलाल पाटीदार: भूमिहीन होने पर भी 13.71 हेक्टेयर जमीन बताकर 8 लाख का लोन लिया।
  • किशन राजपूत: 0.810 हेक्टेयर की जगह 9.905 हेक्टेयर जमीन बताकर 6 लाख का लोन लिया।
  • ओंकारलाल कुम्हार: 1.340 हेक्टेयर की जगह 10.440 हेक्टेयर जमीन बताकर 6 लाख का लोन लिया।
  • शांतिलाल धाकड़: 2 हेक्टेयर की जगह 10.77 हेक्टेयर जमीन बताकर 6 लाख का लोन लिया।
  • दशरथ पाटीदार: भूमिहीन होते हुए भी 9.63 हेक्टेयर जमीन बताकर 7 लाख का लोन लिया।
  • हरीश पाटीदार: भूमिहीन होने पर भी 10.23 हेक्टेयर जमीन बताकर 7 लाख का लोन लिया।

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