महालक्ष्मी मंदिर में 300 भक्तों ने जमा कराए पैसे : श्री महालक्ष्मीनारायण मंदिर पर भी होगी सजावट; नोटों के बनाए जा रहे वंदनवार

रतलाम। दिवाली के मौके पर इस बार रतलाम के दो महालक्ष्मी मंदिर करोड़ों रुपए के नोटों से सजाए जाएंगे। माणकचौक स्थित प्रसिद्ध श्री महालक्ष्मी मंदिर के साथ ही, पहली बार कालिका माता मंदिर क्षेत्र में स्थित श्री महा लक्ष्मीनारायण मंदिर को भी नोटों और जेवरातों से सजाया जाएगा। दोनों मंदिरों में भक्तों द्वारा नोटों की गड्डियां देने का सिलसिला शुरू हो गया है। पिछले साल हुए विवादों के बाद इस बार माणकचौक मंदिर में ऑनलाइन एंट्री और बंदूकधारी गार्ड्स की तैनाती जैसे कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
माणकचौक मंदिर में ऑनलाइन रसीद, रजिस्टर में आधार कार्ड
देशभर में अपनी अनूठी सजावट के लिए प्रसिद्ध माणकचौक महालक्ष्मी मंदिर में इस बार पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पिछले साल पुजारी को लेकर हुए विवाद के बाद प्रशासन ने नए पुजारी अश्विन को नियुक्त किया है।
आधार कार्ड नंबर भी दर्ज किया जा रहा
जो भी भक्त सजावट के लिए नकदी या जेवरात दे रहे हैं, उनकी लैपटॉप से ऑनलाइन एंट्री की जा रही है और टोकन के रूप में रसीद दी जा रही है। इसके अलावा, एक रजिस्टर में भक्त का फोटो, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड नंबर भी दर्ज किया जा रहा है।
10 रुपए से 500 तक के नोट दे रहे भक्त
मंदिर में 10 रुपए से लेकर 500 रुपए तक के नोटों की नई गड्डियां लेकर श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। पुजारी अश्विन ने बताया कि रतलाम के अलावा प्रदेश के अन्य शहरों और दूसरे राज्यों से भी भक्त आ रहे हैं। शनिवार रात तक करीब 300 भक्त अपनी श्रद्धानुसार नोट जमा करा चुके हैं। रतलाम निवासी निर्मला सोनी ने बताया कि वे हर साल की तरह इस बार भी 1 लाख 40 हजार रुपए लेकर आई हैं।
पहली बार लक्ष्मीनारायण मंदिर में भी होगी सजावट
इस साल पहली बार शहर के कालिका माता मंदिर के पीछे स्थित श्री महा लक्ष्मीनारायण मंदिर में भी नोटों और जेवरातों से भव्य सजावट की जाएगी। यहां के पुजारी दीपक व्यास ने बताया कि भक्तों ने नकदी और आभूषण जमा कराना शुरू कर दिया है। यहां भी जमा करने वालों के आधार कार्ड की फोटोकॉपी लेकर रसीद दी जा रही है। भाई दूज के बाद सभी भक्तों को उनके आभूषण और नकदी वापस लौटा दिए जाएंगे।

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