रतलाम। एसपी अमित कुमार ने मंगलवार को थाना नामली का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना प्रभारी निरीक्षक रमेश कोली एवं स्टाफ से क्षेत्र की कानून व्यवस्था, लंबित अपराधों की स्थिति और उनके निराकरण पर चर्चा की।
थाना परिसर एवं हवालात का निरीक्षण
एसपी अमित कुमार ने निरीक्षण के दौरान थाना परिसर, हवालात, शस्त्रागार और रिकॉर्ड रूम का जायजा लिया। उन्होंने एफआईआर रजिस्टर, ड्यूटी चार्ट, शिकायत पंजी सहित अन्य अभिलेखों की जांच की और सुधार संबंधी दिशा-निर्देश दिए।
हवालात में साफ-सफाई, बंदियों की भोजन व पेयजल व्यवस्था तथा सुरक्षा मापदंडों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि बंदियों के साथ मानवीय व्यवहार रखते हुए सुरक्षा और स्वच्छता दोनों का ध्यान रखा जाए।
शिकायतों के त्वरित व संतुष्टिपूर्ण निराकरण के निर्देश
एसपी ने थाना प्रभारी को निर्देश दिए कि फरियादियों की शिकायतें गंभीरता से सुनकर उनका संतुष्टिपूर्वक निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस का व्यवहार संवेदनशील और सहयोगी हो, जिससे जनता में विश्वास बना रहे। साथ ही सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के कैंप लगाकर निराकरण के भी निर्देश दिए।
लंबित अपराधों और आदतन अपराधियों पर सख्त कार्रवाई
एसपी ने थाने में लंबित अपराधों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही आदतन अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों और गुंडा-बदमाशों पर सतत निगरानी रखते हुए उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।
अवैध गतिविधियों पर सख्त रुख
निरीक्षण के दौरान एसपी अमित कुमार ने कहा कि अवैध शराब तस्करी व मादक पदार्थों की बिक्री-परिवहन पर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराध समाज के ताने-बाने को प्रभावित करते हैं, अत: इन पर सख्ती आवश्यक है।
डायल-112 सेवा का निरीक्षण
एसपी ने डायल-112 वाहन की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने डैशबोर्ड कैमरा, बॉडी वॉर्न कैमरा, रूष्ठञ्ज और वेब कैमरा जैसे उपकरणों के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए। वाहन में उपलब्ध फर्स्ट एड किट, फोल्डेबल स्ट्रेचर की जांच की और कहा कि पुलिसकर्मी ष्टक्कक्र एवं बेसिक लाइफ सपोर्ट (क्चरुस्) का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। आपात स्थिति में त्वरित और सुरक्षित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जनसेवा सर्वोच्च प्राथमिकता
एसपी अमित कुमार ने कहा पुलिस का प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी जनता की सेवा में तत्पर रहे। कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक शिकायत का न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित किया जाए।