
रतलाम 6 अप्रैल/ शासन की नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाओं के परिणामस्वरूप जिला चिकित्सालय रतलाम के एसएनसीयू में एक अत्यंत जटिल केस में नवजात शिशु को नया जीवन मिला है।

धार जिले के ग्राम रूपाखेड़ा निवासी श्रीमती आरती पति लखन को 13 फरवरी 2026 को अचानक प्रसव पीड़ा होने पर जिला चिकित्सालय रतलाम के एमसीएच यूनिट में भर्ती किया गया। आरती का प्रसव निर्धारित समय से लगभग 3 माह पूर्व, 26 सप्ताह में ही हो गया। जन्म के समय नवजात का वजन मात्र 1 किलोग्राम था तथा उसे सांस लेने में गंभीर कठिनाई हो रही थी।नवजात की गंभीर स्थिति को देखते एसएनसीयू में भर्ती किया गया। सिविल सर्जन डॉ एम.एस. सागर के मार्गदर्शन एवं आईपीयू प्रभारी डॉ ए.पी. सिंह के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम द्वारा तत्काल उपचार प्रारंभ किया गया। उपचार के दौरान कई गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिनमें बार-बार एप्निया, संक्रमण, एनीमिया एवं सांस लेने में कठिनाई शामिल थीं। इसके लिए नवजात को सीपीएपी, ऑक्सीजन, ब्लड ट्रांसफ्यूजन, एंटीबायोटिक्स, इंजेक्शन एवं कंगारू मदर केयर (केएमसी) जैसी उन्नत उपचार सेवाएं प्रदान की गईं। शिशु की स्थिति में सुधार होने पर मां को भी उपचार प्रक्रिया में शामिल किया गया। उन्हें नली एवं कटोरी-चम्मच से दूध पिलाने तथा शिशु की देखभाल का प्रशिक्षण दिया गया। लगातार प्रयासों और समर्पित देखभाल के परिणामस्वरूप नवजात पूरी तरह स्वस्थ हो गया। स्वस्थ होने पर 4 अप्रैल को शिशु को डिस्चार्ज किया गया, उस समय उसका वजन बढ़कर 1.52 किलोग्राम हो चुका था।