धार्मिक आस्था का अनूठा कीर्तिमान: बिना पैसों के 62 दिन में 13,757 किमी की ऐतिहासिक यात्रा कर रतलाम लौटे राजेंद्र शर्मा​18 राज्यों और 2 देशों की यात्रा कर रचा इतिहास; फव्वारा चौक पर हुआ भव्य स्वागत, निकाली गई रैली

​रतलाम,15 जून ( News SSR )। सनातन धर्म के प्रति अटूट विश्वास, दृढ़ संकल्प और बिना पैसों के देश-विदेश के तीर्थों की यात्रा करने का एक अनोखा और ऐतिहासिक कीर्तिमान रतलाम के लाल ने रच दिखाया है। शहर के उकाला रोड स्थित सूरजमल जैन नगर निवासी 36 वर्षीय राजेंद्र शर्मा (पिता बालकृष्ण शर्मा) अपनी 62 दिनों की अत्यंत कठिन और अलौकिक धार्मिक यात्रा पूर्ण कर रतलाम लौटे। रतलाम आगमन पर महू रोड स्थित फव्वारा चौक पर मित्रों, परिजनों और शहरवासियों ने उनका ढोल-धमाकों के साथ भव्य स्वागत किया और एक विशाल गौरव रैली निकाली, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई उनके निवास स्थान पहुंची।

अपनी इस ऐतिहासिक सफलता के बाद सोमवार को राजेंद्र शर्मा ने प्रेस क्लब पर अपने माता-पिता और पत्नी की उपस्थिति में एक पत्रकार वार्ता आयोजित की। यात्रा के अनुभवों को साझा करते हुए राजेंद्र भावुक हो गए और उन्होंने कहा, “मैं अपनी इस पूरी यात्रा की सफलता को बाबा महाकाल के चरणों में समर्पित करता हूँ। यह यात्रा सनातन आस्था, श्रद्धा और अटूट विश्वास की एक परीक्षा थी, जिसमें महादेव की कृपा से मुझे सफलता मिली।”

बिना पैसों के तय किया सफर, हताशा में भगवान ने किसी न किसी रूप में की मदद
​राजेंद्र शर्मा ने बताया कि उनकी यह यात्रा 10 अप्रैल की सुबह रतलाम स्थित निवास स्थान से शुरू होकर उज्जैन (महाकाल) से विधिवत प्रारंभ हुई थी, जिसका समापन 10 जून को हुआ। इस यात्रा का सबसे मुख्य और कठिन उद्देश्य यह था कि पूरी यात्रा बिना घर के पैसों के (लोगों के सहयोग से) पूरी करनी थी।

​यात्रा के अनुभवों को बताते हुए उन्होंने कहा, “62 दिनों के इस सफर में कई बार शारीरिक पीड़ा सहन करनी पड़ी और कुछ मोड़ों पर हताश भी हुआ, लेकिन जब भी संकट आया, भगवान ने किसी न किसी रूप में किसी न किसी व्यक्ति को मेरी मदद के लिए भेज दिया। पूरी यात्रा के दौरान देश-विदेश के अनजान लोगों का अपार स्नेह और सहायता मिलती रही, जिसके बल पर यह अद्भुत आध्यात्मिक यात्रा निर्विघ्न पूरी हुई।”

आंकड़ों में राजेंद्र शर्मा की ऐतिहासिक यात्रा
​राजेंद्र शर्मा भारत के पहले ऐसे व्यक्ति बने हैं जिन्होंने इतने कम समय में बिना व्यक्तिगत धन के इतनी विशाल आध्यात्मिक यात्रा ​कुल दूरी: 13,757 किलोमीटर, ​कुल समय: 62 दिन (10 अप्रैल से 10 जून 2026), ​राज्य व देश: भारत के 18 राज्य तथा 2 देश (भारत और नेपाल), ​धार्मिक स्थल: 44 शक्तिपीठ, 12 ज्योतिर्लिंग, 4 बड़े धाम (द्वारका, रामेश्वरम, जगन्नाथ पुरी, बद्रीनाथ) और उत्तराखंड के 4 छोटे धाम की संपूर्ण यात्रा पूरी की है।

​राजेंद्र की इस अभूतपूर्व उपलब्धि से न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे रतलाम शहर का नाम देश-विदेश में रोशन हुआ है। स्वागत रैली के दौरान पूरे शहर में ‘हर हर महादेव’ के जयघोष गुजते रहे।

More From Author

विश्व रक्तदाता दिवस पर खुशी एक पहल वेलफेयर सोसायटी का विशाल रक्तदान शिविर सम्पन्न 85 यूनिट रक्तदान, 11 रक्तवीरों का हुआ सम्मान, लाल गुब्बारे छोड़कर दिया रक्तदान का संदेश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

Categories