रतलाम की सड़कों पर झिलमिलाती झांकियों से रोशन अनंत चतुर्दशी, ऑपरेशन सिंदूर व हिंदू राष्ट्र की झलक; 100 फीट ऊंचाई से दिखाए करतब

रतलाम। शनिवार रात अनंत चतुर्दशी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। शहर की सड़कों पर रोशनी से सजी झांकियों का कारवां निकला। अखाड़ों के पहलवानों ने शस्त्र कला और मलखंभ के हैरतअंगेज करतब दिखाए। झांकियों में ऑपरेशन सिंदूर और अश्वमेघ यज्ञ की झलक आकर्षण का केंद्र रहीं। देर रात तक हजारों लोग झांकियों और करतबों को निहारते रहे।
जवाहर व्यायाम शाला ने तीन हिस्सों में सबसे बड़ी झांकी निकाली। इसमें भगवान श्रीराम द्वारा कराए गए अश्वमेघ यज्ञ के दृश्य दिखाए गए। करीब 3 हजार पहलवानों ने शस्त्र कला और मलखंभ के करतब पेश किए। महिला पहलवानों ने भी निष्ठा दुर्गा वाहिनी के साथ अद्भुत प्रदर्शन किया।
40 साल से निकाल रहे झांकी
जवाहर व्यायाम शाला के सचिव राजीव रावत ने बताया कि व्यायामशाला के संस्थापक पूर्व रतलाम केसरी स्व. नारायण पहलवान द्वारा विगत 40 वर्ष पूर्व से अनंत चतुर्दशी पर्व पर झांकी, अखाड़े मलखंभ शस्त्र कला का नेतृत्व करते हुए नगर की जनता को सौगात प्रदान की गई थी जो कि लगातार चल रही है। अखाड़े के संरक्षक दौलत पहलवान, सुरेश जाट, संचालक वैभव जाट (सन्नी पहलवान), गौरव जाट, मयंक जाट आदि शामिल रहे।
इन व्यायाम शालाओं की भी निकली झांकी
श्री आदर्श युवक हिंद व्यायाम शाला की झांकी में ऑपरेशन सिंदूर की झलक नजर आई। व्यायाम शाला के पहलवान क्रेन पर 40 फीट ऊंचाई पर रिंग और मुद्गल का करतब दिखाते हुए चल रहे थे। श्री आरोग्य हिंद व्यायाम शाला की झांकी में हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना के साथ शिवाजी महाराज को सिंहासन पर बैठे दिखाया गया। साथ ही शिव परिवार के दृश्य की भी झांकी शामिल रही। 800 पहलवान अलग-अलग अखाड़ों के करतब दिखाते हुए चल रहे थे।
सुरसा के मुहं से निकले हनुमान जी
श्री नवनिर्माण हिंद व्यायाम शाला द्वारा हाट की चौकी स्थित श्री सूर्यमुखी हनुमान मंदिर से अखाड़े के साथ सांवलिया जी, समुद्र में सुरसा के मुहं में हनुमानजी निकलते हुए और भगवान श्रीकृष्ण राक्षक का वध करते दिखाई दिए। व्यायाम शाला के पहलवानों ने हैरत अंगेज करतब दिखाए। पैलेस रोड स्थित श्री नित्य चिंताहरण गणेश मंदिर द्वारा निकाली गई झांकी में शेष नाग के समक्ष यमुना नदी में वासुदेव को जाते हुए तथा भगवान श्रीकृष्ण गाय के पास खड़े होकर बांसुरी बजाते हुए दिखाया गया।
जगह-जगह स्वागत
रात 1 बजे तक झांकियों का पहला कारवां चौमुखीपुल पर था तो आखरी झोर शहर सराय में था । यानि तीन किमी में झांकियां व अखाड़ों के पहलवान करतब दिखाते हुए चल रहे थे। जगह-जगह मंच बनाकर अखाड़ों के खलिफाओं व पहलवानों का साफा पहनाकर व शील्ड व गदा देकर सम्मान किया गया। शहर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण झांकियों को देखने आए। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी शहर में लगातार घूमते रहे।

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