रतलाम। डॉ. भीमराव अंबेडकर के खिलाफ टिप्पणी करने एवं लगातार दलित आदिवासी उत्पीडऩ के विरोध में रतलाम में दलित आदिवासी संगठनों ने प्रदर्शन किया। डॉ. भीमराव अंबेडकर सर्कल पर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट अनिल मिश्रा व जातंकवाद का पुतला जलाया।
पदाधिकारियों ने कहा कि देश एवं प्रदेश में लगातार दलित आदिवासियों पर अत्याचार हो रहा है। हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा द्वारा डॉ. अंबेडकर को अपमानित करने के लिए टिप्पणी की गई। रायबरेली में हरिओम वाल्मीकि की हत्या एवं सुप्रीम कोर्ट मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने के प्रयास किया गया। इसके विरोध में यह प्रदर्शन किया।
पदाधिकारियों ने एडवोकेट अनिल मिश्रा के खिलाफ अजाक थाने में एट्रोसिटी एक्ट में केस दर्ज करने के लिए आवेदन भी दिया।
यह बयान दिया था
दरअसल 5 अक्टूबर को ग्वालियर के अधिवक्ता अनिल मिश्रा का सोशल मीडिया पर बयान आया था, जिसमें डॉ. अंबेडकर को अंग्रेजों का जासूस बताया था और उनके अस्तित्व को खत्म करने की बात कही थी। इसके बाद से लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहा है।
यह रहे मौजूद
दलित एवं आदिवासी संगठनों के शैलेंद्र खरे, शैलेंद्र मेहना, विशाल कंडारे, हितेश पेमाल, महेश मालवीय, रामचंद्र वर्मा, कैलाश भाटी, आनंद बेडवाल, चंद्रशेखर लश्करी, शंकर लाल मालवीय, किशन सिंगाड, आदि मौजूद रहे।