जनसुनवाई में 48 आवेदनों पर निराकरण के निर्देश जारी किए गए

रतलाम। जिला स्तरीय जनसुनवाई मंगलवार को संपन्न हुई। कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में अपर कलेक्टर डा. शालिनी श्रीवास्तव तथा सीईओ जिला पंचायत श्री श्रृंगार श्रीवास्तव द्वारा जनसुनवाई की गई। जनसुनवाई में 51 आवेदनों पर निराकरण के निर्देश जारी किए गए।
जनसुनवाई में ग्राम बेरछा (ढिकवा) निवासी जगदीश भील ने आवेदन देते हुए बताया कि प्रार्थी की ग्राम बेरछा में ही कृषि भूमि है जिस पर आने-जाने के लिए गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा रास्ता रोक दिया गया है जिससे प्रार्थी को अपने कृषि भूमि पर उपकरण ले जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड रहा है। प्रार्थी द्वारा लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत किया गया परन्तु कोई निराकरण नहीं निकल पाया है। कृपया उचित निराकरण किया जाए। आवेदन निराकरण के लिए संबंधित विभाग को भेजा गया है।
ईदगाह रोड निवासी चेतन प्रकाश शर्मा द्वारा दिए आवेदन में कहा गया है कि शहर में अव्यवस्थित यातायात होने से नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पडता है। स्टेशन रोड से लेकर प्रमुख बाजारों में आए दिन जाम लगा रहता है तथा अस्थायी अतिक्रमण भी काफी बढ गए हैं जिन्हें सुगम यातायात हेतु हटाया जाना आवश्यक है। आवेदन निराकरण के लिए एसडीएम रतलाम को भेजा गया है।
सखवाल नगर निवासी राजदीपसिंह सोलंकी ने आवेदन में बताया कि सखवाल नगर, बैंक कालोनी, बालाजी उद्यान के सामने अवैध झुग्गी-झोपडियां हैं जो बढती जा रही है। साथ ही अमृत मिशन योजना के तहत दी गई पाइप लाईन को तोडकर एक मकान की नींव में पलट दिया गया है जिससे नाली का गंदा पानी बाथरुम व घर में भर जाता है जिससे पूरे घर में बदबू फैल जाती है। पाइप लाइन बिछाने वाले ठेकेदार का कहना है कि हमारा कार्य पाइप लाईन के लिए खुदाई करना है, रिपेयरिंग का कार्य हमारा नहीं है। गंदा पानी विगत 26 दिनों से प्रवाहित हो रहा है और मकान को क्षति पहुंचा रहा है। आवेदन निराकरण के लिए आयुक्त नगर पालिक निगम को भेजा गया है।
जनसुनवाई में टेक्सी चालकों द्वारा संयुक्त रुप से दिए गए आवेदन में बताया गया कि हम टैक्सी चालक उचित रुप से टेक्स जमा कर परमिट प्राप्त करते हैं और अपना वाहन टेक्सी के रुप में चलाते हैं परन्तु कुछ व्यक्तियों द्वारा अपने वाहनों को बिना परमिट व टेक्स, फिटनेस के टेक्सी के रुप में उपयोग किया जा रहा है जिससे हमें काफी परेशानियों का सामना करना पडता है। आवेदन निराकरण के लिए आर.टी.ओ. भेजा गया है।
मसीही हायर सेकेण्डरी स्कूल के पूर्व प्राचार्य हेमेन्द्र पास्टर ने बताया कि मसीही हायर सेकेण्डरी स्कूल को कोविड के बाद फण्ड की आवश्यकता होने पर स्कूल की अध्यापिका श्रीमती कुसुम रत्नाकर द्वारा स्कूल की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण स्कूल को 3 लाख 60 हजार रुपए का लोन अगस्त 2022 में बिना ब्याज के दिया गया था, जिसे अगस्त 2024 में चुकता करना था। किसी कारणवश तत्कालीन प्राचार्य को बीएससीटीटी के प्राचार्य पद से हटा दिया गया जिस कारण उक्त लोन की राशि मुझ प्राचार्य पर प्रतिबंधित नहीं है। उक्त लोन की अदायगी का दायित्व वर्तमान प्राचार्य एवं समिति प्रभारी तथा महामंत्री पर है क्योंकि मसीही माध्यमिक शाला समिति की आडिट रिपोर्ट सन् 2022-23 एवं 2023-24 में उक्त लोन दर्शाया जा रहा है। उक्त लोन स्कूल प्रबंधन समिति द्वारा लिया गया है न कि पूर्व प्राचार्य हेमेन्द्र वाल्टर द्वारा। इस सम्बन्ध में उचित निराकरण किया जाए। आवेदन निराकरण के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को भेजा गया है।

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