रतलाम। गुजरात के अहमदाबाद में तीन दिन पहले एक फल व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर फरार हुए तीन कॉन्ट्रेक्ट किलर को रतलाम पुलिस ने पकड़ा है। गुजरात पुलिस की सूचना पर रतलाम बिलपांक थाना पुलिस ने फोरलेन पर नाकाबंदी कर उदयपुर-इंदौर बस में सवार कॉन्ट्रेक्टर किलरों को पकड़ा। इनके पास एक लोडेड पिस्टल भी मिली है। रतलाम पुलिस ने आरोपियों पकड़कर गुजरात पुलिस को सौंपा दिया है।
अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर मलिक के अनुसार, 14 नवंबर की रात अहमदाबाद के फल व्यापारी बादमजी मोदी की गोली मारकर हत्या की गई थी। हत्या के बाद तीन आरोपी कॉन्ट्रेक्टर किलर कुलदीप (22) पिता रणसिंह परमार निवासी मुरैना (एमपी), अंकित (20) पिता कल्याण सिंह भदौरिया निवासी भिंड (एमपी) व अन्नू (24) पिता उदयभान राजपूत निवासी कानपुर (यूपी) का नाम सामने आया। तीनों की तलाश की तो पता चला कि यह राजस्थान के उदयपुर में है। जब गुजरात पुलिस इनके पीछे लगी तो यह हाथ नहीं आए। उदयपुर से एमपी में नीमच, मंदसौर होते बस में सवार होकर रतलाम आए।
रविवार देर रात गुजरात पुलिस ने रतलाम पुलिस से फरार आरोपियों को पकडऩे में मदद मांगी। एसपी अमित कुमार के निर्देश पर एएसपी राकेश खाखा ने बिलपांक थाने पहुंच टीम बनाई। टीम में थाना बिलपांक थाना प्रभारी अयुब खान समेत अन्य को शामिल किया। फोरलेन पर नाकाबंदी की।
राजस्थान की बस को रोका
जैसे ही बिलपांक फोरलेन पर रात में बस आई तो पुलिस ने घेराबंदी कर बस को रोका। तीनों शूटरों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद शूटरों का पीछा कर रही गुजरात पुलिस को सूचना दी। तीनों शूटर राजस्थान के उदयपुर बस स्टैंड के बाहर से चलती बस में भोपाल के लिए सवार हुए थे।
लोडेड पिस्टल मिली
जब पुलिस ने शूटरों की तलाशी ली तो उनके पास से लोडेड पिस्टल, मैगजिन और धारदार खंजर मिला। आरोपियों ने रतलाम पुलिस के सामने भी 14 नवंबर को गुजरात के अहमदाबाद में हत्या की वारदात करना स्वीकार। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर तीनों शूटरों को रात में ही रतलाम पुलिस ने गुजरात पुलिस को सौंपा।
चाचा की हत्या के लिए दी 25 लाख की सुपारी
पूरे घटनाक्रम का अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर ने सोमवार को खुलासा किया। उन्होंने बताया कि मृतक बादामजी मोदी के भतीजे अशोक मोदी ने चाचा की हत्या के लिए 25 लाख रुपए की सुपारी दी थी। आरोपी अशोक से यह सुपारी अन्नू राजपूत को सौंपी। घटना वाले दिन अन्नू राजपूत, कुलदीप और अंकित एक बाइक पर बैठकर व्यापारी की दुकान के पास से निकलते हुए फायरिंग की। फायरिंग में एक गोली व्यापारी बादामजी मोदी के कान के नीचे लगी थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी मौत हो गई।
इस हमले से एक माह पहले भी बादामजी मोदी पर चाकू से हमला हुआ था। यह हमला भी आरोपी भतीजे अशोक के कहने पर हुआ था। आरोपी अशोक को शक था कि उसके पिता की हत्या बादामजी ने कराई है। इसके साथ ही प्रॉपर्टी का भी विवाद चल रहा था। इस वजह से उसने अपने चाचा को मारने के लिए सुपारी दी थी। हत्या के बाद सुपारी देने वाला भतीजा अशोक के अलावा तीनों आरोपी भाग गए थे। रतलाम पुलिस के सहयोग से शूटर पकड़ाए।
गुजरात पुलिस के अनुसार 25 लाख रुपए की सुपारी दी थी। सुपारी की कुल रकम में से शूटरों को अभी 75 हजार रुपए का ही भुगतान किया गया। सोमवार को हुए खुलासे में अहमदाबाद कमिश्नर ने भी रतलाम से शूटरों का पकडऩे का जिक्र किया।