
आलोट।( News SSR ) दस दिवसीय गणेश उत्सव की धूम अब अपने चरम पर पहुंच गई है जगह-जगह बप्पा के जयकारे पूजन महा आरती और महा भंडारे का आयोजन किया जा रहा है जिसके चलते नगर में शाम होते ही बप्पा के जय कारें गूंजाय मान हो रहे हैं ईसी के चलते नगर की पुरानी तहसील रोड पर विराजित ‘आलोट के राजा’ के दरबार में गणेश उत्सव के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला जारी है। जैसे-जैसे उत्सव के अंतिम दिन नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे बप्पा के दरबार में भक्तों की भीड़ बढ़ती जा रही है। बुधवार को आलोट के राजा के दरबार में भव्य महा भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें नगर के हजारों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसादी ग्रहण की और धर्म लाभ लिया।

शाम की महाआरती के बाद हुआ भंडारे का शुभारंभ
प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी परंपरा का निर्वहन करते हुए महा भंडारे का आयोजन किया गया। शाम 05:00 बजे: आलोट के राजा की भव्य महाआरती की गई।
शाम 06:00 बजे के बाद महा भंडारे का शुभारंभ हुआ, जो अनवरत देर रात तक चलता रहा।

इस दौरान हजारों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने अनुशासित तरीके से पंक्तिबद्ध होकर महाप्रसादी का लाभ लिया।
आयोजकों ने बताया कि आलोट के राजा की स्थापना का यह 35वां वर्ष है। पिछले 35 वर्षों से लगातार यहां पूरी धूमधाम, आस्था और विश्वास के साथ गणेश उत्सव मनाया जाता है। इसके अलावा, प्रतिदिन रात्रि 09:00 बजे महाआरती का आयोजन किया जाता है, जिसमें रोज बड़ी संख्या में भक्त शामिल होते हैं और महाप्रसादी का वितरण किया जाता है।
इस सफल आयोजन में गणेश उत्सव समिति के कुशाल राव जाधव, धीरेंद्र सिंह निगम, कालूराम चौहान, अभिनव निगम, धीरज राव, अरविंद राव, मदन लाल चौहान, योगेश निगम, रवि निगम, अनिल पोरवाल, मोहन गुप्ता, मुकेश दुबे सहित बड़ी संख्या में समिति सदस्यों और स्थानीय नागरिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
वही नगर के कारगिल चौराहे स्थित चिंता हरण गणेश मंदिर पर भी 10 दिन से गणेश उत्सव के दौरान महा आरती और महाप्रसादी वितरण का डोर जारी है इसके तहत बुधवार को परोक्ष भरा हुआ मित्र मंडल की ओर से चिंता हरण गणेश भगवान की महा आरती की गई और महाप्रसाद का वितरण किया गया इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां मौजूद थे