
रतलाम, 08 नवंबर ( News SSR )। थाना दीनदयाल नगर क्षेत्र में हुए सनसनीखेज अंधे कत्ल की गुत्थी को रतलाम पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में सुलझा लिया है। धारदार हथियार से गोदकर की गई इस हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सौरभ वर्मा और तीन विधि विरुद्ध बालकों (नाबालिकों) को हिरासत में ले लिया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश सरगर्मी से जारी है।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने हत्या का खुलासा करते हुए बताया कि, दो दिन पूर्व 6 नवंबर की शाम करीब 05 बजे थाना दीनदयाल नगर पुलिस को एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस और एफएसएल (FSL) टीम ने साक्ष्य जुटाए। मृतक की शिनाख्त रितेश पिता शंभू माईङ्कार (निवासी दीनदयाल नगर, रतलाम) के रूप में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर हत्या किए जाने की पुष्टि होने पर पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी अनुराग यादव की टीम द्वारा की गई तकनीकी व मैदानी जांच में सामने आया कि 5 नवंबर की रात रितेश स्टेशन रोड क्षेत्र में एक जन्मदिन की पार्टी में शामिल हुआ था। वहां उसका सौरभ वर्मा, अमन बाबा, विकास मेघवाल उर्फ जग्गू, समीर लाला, सूजल जैन और अन्य युवकों से विवाद हुआ था।
ईंट भट्टे पर ले जाकर किया निर्मम वार
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि पार्टी के बाद वे रितेश को शराब पिलाने के बहाने विरियाखेड़ी स्थित ईंट भट्टे पर ले गए, जहां पुराना विवाद फिर से उभर आया। मुख्य आरोपी सौरभ वर्मा और एक नाबालिग ने मिलकर चाकू से रितेश के गले, पेट और पीठ पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

कार की डिक्की में छिपाकर रातभर घुमाया शव
हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की साजिश रची। फरार आरोपी विपिन द्वारा लाई गई एक ब्लैक कलर की वेन्यू कार की डिक्की में शव को रखकर आरोपी उसे पूरी रात अलग-अलग स्थानों पर घुमाते रहे। अंत में शव को झामण क्षेत्र के एक सुनसान इलाके में ले जाकर फेंक दिया गया। पुलिस के अनुसार, इस वारदात के पीछे पिछले महीने हुआ पुराना विवाद मुख्य वजह था, जिसे लेकर पहले भी मामला दर्ज हो चुका था।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया, थाना प्रभारी दीनदयाल नगर उप निरीक्षक अनुराग यादव, उप निरीक्षक राजेंद्र चौहान, सहायक उप निरीक्षक बसील गनावा, प्रधान आरक्षक सुरेंद्र, आरक्षक संदीप कुमावत, दीपक सिंह और राजू गरवाल की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस फरार चल रहे अन्य आरोपियों और वारदात में प्रयुक्त हथियारों की तलाश में जुटी हुई है।
