निजी स्कूल पर मेहरबान प्रशासन : शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे और संदिग्ध निर्माण का मामला, रतलाम के सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

रतलाम। ( News SSR )शहर के सर्वे नंबर 318 स्थित निजी सेंट जोसेफ स्कूल भवन निर्माण और नगर निगम व टीएनसीपी (T&CP) विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर शहर में विवाद गहराता जा रहा है। पूर्व में भी स्कूल की कार्यप्रणाली को लेकर कई शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं, लेकिन प्रशासनिक संरक्षण और रसूख के कारण अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चूंकि स्कूल में प्रशासनिक अधिकारियों के बच्चे पढ़ते हैं, इसी वजह से प्रशासन की चुप्पी और शह के बल पर स्कूल प्रबंधन अपनी मनमानी चला रहा है।
बुधवार को ​रतलाम प्रेस क्लब पर प्रेस वार्ता के दौरान प्रमोद जैन निवासी गुलमोहर कॉलोनी, राजेश माहेश्वरी पार्षद प्रतिनिधि निवासी गुल मोहर कॉलोनी रतलाम ने मीडिया के समक्ष नगर निगम और टीएनसीपी विभाग द्वारा दी गई संदिग्ध निर्माण अनुमति पर 20 गंभीर सवाल खड़े करते हुए निष्पक्ष संयुक्त जांच की मांग की है।

शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे और टैक्स छूट का आरोप
​मामले में सबसे गंभीर सवाल 1956 से दर्ज शासकीय संपत्ति (सर्वे नंबर 318) को लेकर उठ रहे हैं। रिकॉर्ड के अनुसार यह भूमि शासकीय दर्ज है, इसके बावजूद टीएनसीपी और नगर निगम ने भवन निर्माण की अनुमति कैसे दे दी?

​सेल डीड में जमीन की कोई निश्चित लंबाई-चौड़ाई या कुल क्षेत्रफल (स्क्वायर फीट) का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि स्कूल प्रबंधन ने अपनी इच्छानुसार शासकीय भूमि पर कब्जा जमा रखा है। इसके अतिरिक्त, व्यावसायिक गतिविधि संचालित करने वाले इस स्कूल को किस आधार पर नगर निगम द्वारा टैक्स में छूट दी गई, यह भी जांच का विषय है।

बिना अनुमति पैवेलियन निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी
​शिकायतकर्ता के अनुसार ​न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के बावजूद निर्माण की अनुमतियां जारी की गईं। ​बिना पुरानी बिल्डिंग को डिसमेंटल किए और बिना मौका भौतिक सत्यापन किए नई अनुमति दे दी गई। ​स्कूल परिसर में बिना नगर निगम की अनुमति के अवैध पैवेलियन का निर्माण कर लिया गया। ​फायर एनओसी (Fire NOC), आपदा सुरक्षा, आपातकालीन निकास और विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में क्लासरूम व पार्किंग व्यवस्था का अभाव है।

​निष्पक्ष जांच और उच्च स्तरीय जांच समिति की मांग
शिकायतकर्ताओं ने ​मीडिया के समक्ष मांग की गई है कि ​कलेक्टर की अध्यक्षता में संयुक्त जांच समिति राजस्व, नजूल, नगर निगम, टीएनसीपी, शिक्षा विभाग और अग्निशमन विभाग की संयुक्त समिति बनाकर मौके का भौतिक और कागजी सत्यापन कराया जाए। जांच पूरी होने तक संबंधित विभागों के मूल दस्तावेज (फाइल, नक्शे, नोटशीट, डिजिटल रिकॉर्ड) को सुरक्षित किया जाए ताकि कोई हेरफेर न हो सके। यदि स्कूल प्रबंधन और अधिकारियों द्वारा नियमों का उल्लंघन किया गया है, तो दोषी अधिकारियों एवं स्कूल संचालकों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए।

सड़क पर घंटों लगता है जाम, बेबस बना यातायात विभाग
रहवासियों के अनुसार, स्कूल लगने और छूटने के समय मुख्य सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और घंटों भारी जाम की स्थिति बनी रहती है। आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन आला अफसरों का दबाव होने के कारण यातायात पुलिस भी स्कूल के बाहर खड़े वाहनों या अव्यवस्था पर कार्रवाई करने से कतराती है।

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