
मंदसौर।03जुलाई ( News SSR )असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस मध्य प्रदेश अध्यक्ष,ग्राम पंचायत मुंदेड़ी सरपंच प्रतिनिधि एवं पश्चिम रेलवे एम्पलाई यूनियन के पुर्व अध्यक्ष कुंवर रणजीत सिंह शक्तावत ठिकाना मुंदेडी हाल मुकाम रमा हवेली एवं मुंदेड़ी हाउस पिपलिया मंडी मध्य प्रदेश बरखेड़ा पेंथ स्थित सांवरिया सेठ मंदिर प्रांगण में श्रावण मास के आज प्रथम सोमवार के पर नानी बाई के मायरे के समापन के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। जहां पर कुंवर शक्तावत ने व्यास पीठ पर विराजमान बाल संत सुश्री कनक जी वैष्णव को पुष्प गुच्छ भेंट करते हुए सम्मानित किया। तत्पश्चात कुंवर शक्तावत ने मायरा भरने की रस्म अदा करते हुए। बाल रूपेण श्री कृष्ण जी की मूर्ति को अपने माथे पर एवं हाथों से उठाते हुए। कथा प्रांगण में उपस्थित हुए और भगवान श्री कृष्ण जी की तरफ से मायरा भरते हुए धर्म लाभ लिया। कुंवर शक्तावत ने अपने उद्बोधन में कहा कि यदि भक्ति करना है तो नानी बाई के जैसी भक्ति करना चाहिए। जिस समय नर्सिंग मेहता जी के पास धन की समस्या थी। वह इस धार्मिक कार्य को पूर्ण करने में असमर्थ थे। लेकिन नानी बाई की भक्ति से प्रभावित होकर भगवान कृष्ण स्वयं उपस्थित हुए और भगवान कृष्ण ने नानी बाई का मायरा भरने का कार्य किया। इसी प्रकार से एकलव्य ने गुरु द्रोणाचार्य की मूर्ति को रखकर अपना भगवान स्वीकार करते हुए धनुर्विद्या सखी और वह विश्व का सबसे प्रसिद्ध धनुर्धारी के रूप में उभर कर आए। तो सभी लोगों को इन भक्तों से प्रेरणा लेना चाहिए। और इनके पद चीन्हो पर चलते हुए। भक्ति करना चाहिए और यदि इस तरीके से कोई व्यक्ति भक्ति करता है। प्रभु में लिन रहता है तो निश्चित ही उस व्यक्ति को प्रभु का आशीर्वाद मिलता है,इस अवसर पर सैकड़ो माता बहनों बुजुर्गों एवं भाई बहनों के साथ ही साथ राजमल पाटीदार,लालाराम कारपेंटर,कंवरलाल सुथार,प्रेमचंद सुथार,बालचंद माली,मंदिर पुजारी ओंकार लाल जोशी,गोपाल दास बैरागी,गुलाबचंद कारपेंटर,जगदीश तेलकार,ईश्वर लाल पाटीदार,महेश मरेठा,कुंवर जालम सिंह,रामनारायण पाटीदार,सुखराम पाटीदार,बालू सुथार,भेरुलाल जी चढ़ावत,महेश ,विष्णु चढ़ावत आदि अनेक गणमान्य नागरिक एवं भक्तगण उपस्थित थे।