
6 साल के लिए चुनाव लड़ने पर भी रोक
रतलाम, ( News SSR )। जिला पंचायत रतलाम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत जावरा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सादाखेड़ी के सरपंच श्री ईश्वरलाल बागरी को उनके पद से पृथक कर दिया है। उन पर शासकीय भूमि पर अवैध रूप से अतिक्रमण करने और पद का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप सिद्ध हुए हैं।
शिकायतकर्ता बी.एल. जरानिया ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सरपंच ईश्वरलाल बागरी ने ग्राम पंचायत सादाखेड़ी में विभिन्न सर्वे नंबरों की शासकीय भूमि (चरगाह, रास्ता, नाकाका आदि) के लगभग 0.410 हेक्टेयर हिस्से पर अवैध रूप से झोपड़ी बनाकर, नलकूप खनन कर और फसल बोकर अतिक्रमण किया है।
जांच में दोषी पाए गए सरपंच
प्रकरण की जांच के दौरान तहसीलदार न्यायालय जावरा ने पाया कि सरपंच द्वारा किया गया अतिक्रमण सही है। इस मामले में मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 248 के तहत उन पर 10,000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
सरपंच को अपना पक्ष रखने के लिए कई अवसर दिए गए, लेकिन वे संतोषजनक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाए। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि उन्हें कानूनी सूचनाओं की पूरी जानकारी थी, जिसे उन्होंने पहले छिपाने की कोशिश की थी।
जिला पंचायत की सख्त कार्रवाई
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत निशा जैन रतलाम द्वारा जारी आदेश (क्रमांक 2474) के अनुसार ईश्वरलाल बागरी को म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 (1) (क) के तहत सरपंच पद से तुरंत प्रभाव से पृथक किया जाता है।
6 साल का प्रतिबंध
अधिनियम की शर्तों के अनुसार, पद से पृथक किया गया व्यक्ति अब आगामी 6 वर्षों की अवधि के लिए निर्वाचन (चुनाव) हेतु अयोग्य घोषित कर दिया गया है।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और इसकी प्रतियां कलेक्टर रतलाम, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जावरा और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई हैं।