

शासकीय महाविद्यालय आलोट की आईआईसी एवं आईके वीएस प्रकोष्ठ के अंतर्गत शासन के निर्देशानुसार राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर त्रिदिवसीय कार्यक्रम की श्रृंखला में अंतिम दिवस 28/02/2026 को कार्यक्रम का शुभारंभ सम्मानित मंच द्वारा मां सरस्वती एवं सर सी वी रमन के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। इस अवसर पर सरस्वती गायन अनुषा पुरी गोस्वामी व सलोनी रावत ने तथा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् बिंदिया मेवाड़ा व चांदनी प्रजापत के साथ सभी के द्वारा गया गया। इस अवसर पर मनीष देशमुख द्वारा महाविद्यालय की गतिविधियों से संबंधित डॉक्यूमेंट्री अतिथियों सहित समस्त महाविद्यालय परिवार को दिखाई गई। तत्पश्चात मंचासीन अतिथियों के लिए स्वागत गीत टीना व्यास ने गाया। अतिथियों का सम्मान, महाविद्यालय प्राचार्य डॉ.एम.पी.ऋषि व आई.क्यू.ए.सी. प्रभारी डॉ.संजय सिंह सोलंकी द्वारा माला, स्वागत-पट्टिका व स्मृतिचिन्ह भेट कर किया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमान हरपाल सिंह सोलंकी व नेक मेंटर डॉ.के.एल. जाट तथा मुख्य वक्ता महावीर हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य श्रीमान मनोज कुमार शर्मा रहे।
प्रो.जाट द्वारा सर सी.वी.रमन की खोज व रमन स्पेक्ट्रम के बारे में विस्तार से विद्यार्थियों को समझाते हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन पर खुशी प्रकट की। श्री हरपाल सोलंकी ने विद्यार्थियों द्वारा की गई सहभागिता एवं महाविद्यालय द्वारा आयोजित विज्ञान दिवस की सराहना करते हुए सभी को सफल आयोजन की बधाई दी। मुख्य वक्ता श्री शर्मा द्वारा “वैज्ञानिक आविष्कार एवं नवाचार” विषय पर व्याख्यान में भारतीय ज्ञान परंपरा से लेकर आधुनिक विज्ञान तक के वैज्ञानिक आविष्कारों द्वारा भारत के विकास में विज्ञान के योगदान पर प्रकाश डाला तथा महाविद्यालय के उत्तरोत्तर प्रयासों सहित मविद्यालय के स्टाफ द्वारा कॉलेज चलो अभियान की भी प्रशंशा की। इसी दिन “अपने विषय से संबंधित हस्त निर्मित पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता हुई, जिसमें निर्णायक प्रो.जाट, श्री शर्मा सहित डॉ.संजय सिंह सोलंकी रहे, 60 सहभागियों में से बीएससी द्वितीय वर्ष की बिंदिया मेवाड़ा ने प्रथम,बी.एससी.तृतीय वर्ष की साजिया ने द्वितीय तथा बी.एससी. द्वितीय वर्ष की खुशी पाटीदार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। तत्पश्चात आयोजित भाषण प्रतियोगिता में निर्णायक डॉ.मंजुलता चौधरी,डॉ.विक्रम सिंह गेहलोत व डॉ.अमित कुमार रहे, जिसमें 9 सहभागियों में से बी.एससी. द्वितीय वर्ष के विवेक नागर ने प्रथम, बी.एससी. द्वितीय वर्ष की सोना ने द्वितीय तथा बी.ए.तृतीय वर्ष के राजदीप ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। बी.एससी.द्वितीय वर्ष की मुस्कान, तनुजा तथा वर्षा कुमावत ने टोने-टोटके, तंत्र-मंत्र व झाड़-फूंक के प्रति समाज में व्याप्त अंधविश्वास को दूर करने के लिए रोचक तरीके से रसायन के तीन जादुई प्रयोग दिखाकर उनके पीछे छिपे वैज्ञानिक तथ्यों को स्पष्ट करते हुए संयुक्त रूप रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसी श्रृंखला में पूर्व में दिनांक 25 कोआयोजित “भारतीय ज्ञान परंपरा एवं विकसित भारत विजन 2047” विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई थी, जिसमें निर्णायक की भूमिका डॉ.मजुलता चौधरी, डॉ.विक्रम सिंह गेहलोत एवं डॉ.विमलेश सोनी द्वारा निभाई गई, जिसमें बी.एससी. द्वितीय वर्ष से आंचल मीणा ने प्रथम, अनुषा पुरी गोस्वामी ने द्वितीय तथा सुनयना नंदनवार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। द्वितीय दिवस दिनांक 26 को “भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान एवं ज्ञान-विज्ञान प्रश्नोत्तरी” में 38 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। निर्णायक डॉ.मनीष कुमार झाला, डॉ.अमित कुमार तथा डॉ.संदीप सांखला रहे, जिसमें बी.एससी. द्वितीय वर्ष से प्रिया माली ने प्रथम,बी.एससी.तृतीय वर्ष से वर्षा पाटीदार ने द्वितीय तथा बी.एस.सी. द्वितीय वर्ष से सलोनी रावत एवं अनुषा पुरी गोस्वामी ने तृतीय स्थान प्रात किया। प्रत्येक प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्तकर्ता को पुरस्कार में सम्मानित मंच से स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र तथा समस्त सहभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए। उक्त कार्यक्रम के सफल आयोजन में समस्त महाविद्यालय परिवार का विशेष सहयोग रहा। संचालन कार्यक्रम प्रभारी डॉ.भगवान स्वरूप गुप्ता ने एवं आभार डॉ. विक्रम सिंह गेहलोत ने माना। अंत में राष्ट्रगान द्वारा कार्यक्रम का समापन हुआ।