नर्सिंग प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव : GNM व ANM में अब 12वीं के अंकों से सीधा प्रवेश; रतलाम के रॉयल नर्सिंग कॉलेज में शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ बस, हॉस्टल और 120 बेड अस्पताल की सर्वसुविधा

​रतलाम। ( News SSR ) । उच्चतम न्यायालय के आदेश और मध्य प्रदेश शासन के राजपत्र में जारी अधिसूचना के बाद सत्र 2026-27 से नर्सिंग प्रवेश नियमों में ऐतिहासिक बदलाव किया गया है। अब प्रदेश सहित रतलाम के अग्रणी संस्थान रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग में भी भारतीय नर्सिंग परिषद (INC) के नए नियमों के तहत प्रवेश प्रक्रिया संचालित की जाएगी।

​संस्थान के प्राचार्य जगदीश डूके ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए बताया कि नए नियमों के अनुसार अब GNM (General Nursing and Midwifery) और ANM (Auxiliary Nurse Midwifery) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए छात्रों को किसी भी प्रकार का प्री-नर्सिंग सिलेक्शन टेस्ट (एंट्रेंस एग्जाम) नहीं देना होगा। इन दोनों ही रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों में अब सीधे 12वीं कक्षा के अंकों (मेरिट लिस्ट) के आधार पर पारदर्शी तरीके से प्रवेश दिया जाएगा। वहीं, B.Sc. Nursing पाठ्यक्रम में प्रवेश पहले की तरह पीएनएसटी (PNST) परीक्षा में पात्र घोषित अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग के माध्यम से ही होगा।

रॉयल ​कैम्पस में ही उपलब्ध हैं सुविधाएं:
प्राचार्य जगदीश डूके ने संस्थान की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग छात्रों के सर्वांगीण विकास और व्यावहारिक ज्ञान के लिए पूरी तरह सुसज्जित है:
​120 बिस्तरों का अस्पताल: नर्सिंग में प्रवेशित सभी विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय क्लिनिकल प्रैक्टिस और व्यावहारिक प्रशिक्षण (Clinical Practice) प्रदान करने के लिए कॉलेज कैंपस में ही 120 बिस्तरों वाला सर्वसुविधायुक्त अस्पताल उपलब्ध है, जहाँ छात्र अनुभवी डॉक्टरों की देखरेख में लाइव ट्रेनिंग पाते हैं।

​50 किमी क्षेत्र में बस सुविधा: रतलाम और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए कॉलेज आवागमन को सुगम बनाने हेतु 50 किलोमीटर के दायरे में सुरक्षित कॉलेज बस सुविधा संचालित की जा रही है।

​पूर्णतः सुरक्षित गर्ल्स हॉस्टल:

जो छात्राएं रतलाम में रहकर नर्सिंग की पढ़ाई पूरी करना चाहती हैं, उनके लिए कॉलेज कैंपस के भीतर ही पूर्णतः सुरक्षित और सर्वसुविधायुक्त गर्ल्स हॉस्टल का विशेष प्रावधान किया गया है, जहाँ सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं।

​​GNM के बाद अवसर: GNM पास आउट छात्र-छात्राएं बड़े सरकारी व निजी अस्पतालों में स्टाफ नर्स (Staff Nurse), होम केयर नर्स, आईसीयू नर्स, ट्रैवल नर्स या क्लीनिकल नर्स स्पेशलिस्ट के रूप में तुरंत ज्वाइन कर सकते हैं। नर्सिंग क्षेत्र में वर्तमान में केवल भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका, यूके, कनाडा, गल्फ कंट्रीज और यूरोपियन देशों में भी भारतीय नर्सों की भारी मांग है, जहाँ आकर्षक सैलरी पैकेज मिलते हैं।

प्राचार्य ने आगे कहा कि सत्र 2026-27 से लागू हो रही इस नई मेरिट व्यवस्था, सुनहरे करियर विकल्पों और संस्थान में उपलब्ध इन बेहतरीन संसाधनों से मालवा अंचल के विद्यार्थियों को नर्सिंग के क्षेत्र में एक शानदार भविष्य संवारने का बेहतरीन अवसर मिलेगा।

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