
पूरा नगर हुआ शिव मई हजारों कावड़िए ओर शिवभक्तों के जय भोले बम्ब भोले के जय घोष से गूंज उठा

आलोट 07सितम्बर ( News SSR )जय भोले बम्ब भोले के जय घोष के साथ हजारों कावड़िए जब नगर की सड़कों पर निकले तो पूरा नगर उनके स्वागत के लिए आतुर हो उठे कावड़िए ओर कलश यात्राओं पर फूलों की वर्षा की गई जगह जगह शिवभक्त के द्वारा कावड़ियों के लिए चाय नाश्ता फरियाली खिचड़ी केले आदि का वितरण किया गया मौका था भव्य कावड़ कलश यात्रा का भादौ माह के दूसरे सोमवार पर सुबह से ही नगर शिवमय हो गया।

सुबह 10 बजे नगर में भव्य कावड़ एवं कलश यात्रा का आयोजन किया गया। जिसको देखने के लिये हज़ारो की संख्या में भक्तगण नगर में पहुँचे पूरे बाजार की सड़के दुकानों के ओटले छते सब शिवभक्तों से पट गई।

सुबह 8 बजे शिप्रा नदी के तट पर कावड़ कलश यात्रा समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सोलंकी सयोजक विजेंद्र सिंह सोलंकी सहित समस्त सदस्यों के द्वारा क्षेत्र की जीवनदायी मां शिप्रा नदी का पूजन किया। इसके बाद वहां से जल भरकर शीतला माता मंदिर पर कावड़ यात्री पहुंचे।

कावड़ यात्रा संत बलराम दास जी महाराज ददिया खेड़ी आश्रम के मार्गदर्शन में शुरू हुई भव्य कावड़ एवं कलश यात्रा का नगर में प्रवेश हुआ जगह जगह पर कावड़ यात्रा में शामिल भक्तजनों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया जा रहा था वही पीने के लिये ठंडे पानी की व्यवस्था नागरिकों के द्वारा की गई थी कावड़ यात्रा में , घोड़े ,ढोल डीजे, अघोर नृत्य, भजन मंडलियां , भगवान महाकाल की पालकी आकर्षण का केंद्र रही यात्रा में आकर्षक झाँकियाँ अघोरी नृत्य कावड यात्रा की शान बढ़ा रहे थे। यात्रा संजय चौक चौराहे पर पहुंची।

यहां नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि अभिषेक जैन और पार्षदों सहित नगर परिषद् कर्मचारियों ने भव्य स्वागत किया वहीं ब्लाक कांग्रेस शहर कांग्रेस की औरबसे अभिनव निगम अशोक पंचाल रमेश पाठक सहित समस्त कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तो भाजपा मंडलंकी और से पोस्टआफिस के सामने मंच बनाकर दिलीप सिंह डोडिया मित्र मंडल की ओर से स्वागत किया। इसी तरह पोरवाल समाज सर्व ब्राह्मण समाज पाटीदार समाज सहित राम रहीम मंच के द्वारा भी सभी कावड़ियों का स्वागत किया।

वहीं अजीत बोरासी मित्र मंडल के द्वारा भी यात्रा का भव्य स्वागत किया एव केले का वितरण किया गया। साथ ही कई सामाजिक राजनीतिक संस्थाओ के द्वारा भी कावड कलश यात्रा के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सोलंकी का साफ़ा हार पहनाकर स्वागत किया गया।

यात्रा अपने निर्धारित मार्ग से होती हुई दोपहर 3 बजे भगवान अनादिकल्पेश्वर महादेव मंदिर पर पहुंची। यहां पर पंडितों के द्वारा मंत्र उच्चारण के बाद अनादिकल्पेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया। सभी कावड़ियों के द्वारा विभिन्न पवित्र नदी से लाए जल से अनादिकल्पेश्वर महादेव का महाजलाभिषेक किया। अभिषेक के बाद सभी कावड़ियों एवं बाहर से आए शिव भक्तों के लिए समिति के द्वारा आयोजित भंडारे का आयोजन किया।

61 लीटर जल से भरी कावड़ लेकर चले
कावड़ कलश यात्रा में कई कावड़ियों के द्वारा दर्जनों लीटर जल से भरी कावड़ लेकर जब वह निकले तो शिव भक्त के लिए यह आकर्षण का केंद्र रहा। वहीं कावड़ यात्री अपनी-अपनी कावड़ को एक से बढ़कर एक तरीके से कावड़ सजा कर लाए। जो भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र रही।

कावड़ कलश यात्रा में अघोरी नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा तो वहीं गुरिल्ला के रूप में आए कलाकार ने लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया। कावड़ कलश यात्रा को देखने के लिए नगर व दूर-दराज से हजारों की संख्या में शिव भक्त पहुँचे इस बार की कावड़ कलश यात्रा में लगभग 25 से अधिक मुख्य आकर्षण थे। उपरोक्त जानकारी विनय निगम द्वारा दी गई।