
आलोट: ( News SSR ) नगर की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित संगीत संस्था ‘स्वर साधना मंदिर’ की स्वर्ण जयंती तथा संस्था के संस्थापक स्व. जीतमल जी जैन की 101 वी पुण्यतिथि के अवसर पर स्थानीय स्वर्णकार समाज की धर्मशाला में भव्य ‘स्वरांजली’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस संगीत संध्या में स्थानीय एवं बाहर से आए कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन और पूजन के साथ हुई।

इसके पश्चात श्री महेश निगम द्वारा प्रस्तुत मधुर सरस्वती वंदना ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। संस्था के वरिष्ठ सदस्य संजय सिंह सोलंकी ने स्वागत भाषण देते हुए संस्था के इतिहास पर प्रकाश डाला और इसके पुराने व वरिष्ठ सदस्यों द्वारा संगीत के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों की सराहना की।एक से बढ़कर एक गीतों और गजलों की प्रस्तुतियांस्वरांजली कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने एक से बढ़कर एक बेहतरीन गीतों और गजलों की प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया। इस आयोजन को सफल बनाने में संस्था के प्रमुख कलाकारों एवं पदाधिकारियों—डॉ. के.के. जागलवा, याकूब भाई,महेश निगम, राजेंद्र शर्मा, रमेश सोनगरा, महेंद्र दोहरे और अशोक निगम,प्रकाश परमार,सुधा राठौड़ , डाक्टर अशोक मौर्य,नीरज राठौड़,धीरज राठौर,योगेश दुबे,डॉक्टर अब्दुल कादिर, कुलकित गजेंद्र महेश निगम आयुष सोलंकी मोहन लाल लोहार आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अपनी लाजवाब प्रस्तुतियों से उपस्थित दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी।कार्यक्रम का संचालन प्रदीप बेस ने किया।संस्था के इस ऐतिहासिक स्वर्ण जयंती आयोजन ने आलोट नगर के सांस्कृतिक पटल पर एक बार फिर संगीत प्रेमियों को एक यादगार शाम भेंट की। कार्यक्रम में अतिथि धर्मचंद जैन,डॉक्टर दिलीप सिंह राठौड़ मंदसौर,थे। स्मरण रहे कि स्वर साधना मंदिर के आधार स्तंभ रघुनाथ सिंह सोलंकी के पौत्र आयुष सिंह सोलंकी ओर महेश निगम के पौत्र कुलकित निगम की शानदार प्रस्तुति ने पूरा माहौल बदल दिया उनकी शानदार प्रस्तुति से स्वर साधना का यह आयोजन नई ऊंचाई पर पहुंचा ओर श्रोताओं ने जमकर इस आयोजन की तारीफ की वही डा अब्दुल कादरी ने अपने गायकी के अंदाज से आयोजन को चार चांद लगा दिए ।