आंतरिक शक्तियों को जागृत कर बेहतर जीवन जीएं

डोंगरे नगर ब्रह्माकुमारी सेवाकेंद्र पर चैतन्य मां दुर्गा की झांकी ने दिया आध्यात्मिक संदेश।

रतलाम।( News SSR ) प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के डोंगरे नगर सेवा केंद्र पर नवरात्रि के पावन अवसर पर चैतन्य देवियों की झांकी के प्रथम दिवस मां दुर्गा की भव्य एवं मनमोहक झांकी सजाई गई। झांकी में मां दुर्गा के दिव्य स्वरूप के माध्यम से उनकी शक्तियों एवं अस्त्र-शस्त्रों के आध्यात्मिक रहस्यों को सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि भाजपा मंडल महामंत्री निखिल बोरीवाल , रतलाम यातायात थाना प्रभारी हेमंत पाटीदार , ब्रह्माकुमारी सविता दीदी,शांतिलाल गोयल के द्वारा मां दुर्गा की आरती एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया।

इस अवसर पर भाजपा मंडल महामंत्री निखिल बोरीवाल ने झांकी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजन भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों को जन-जन तक पहुंचाने का श्रेष्ठ माध्यम हैं। मां दुर्गा का स्वरूप हमें साहस, शक्ति, धर्म की रक्षा और बुराइयों पर अच्छाई की विजय की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है तथा समाज में सद्भाव और संस्कारों को बढ़ावा मिलता है।

रतलाम यातायात थाना प्रभारी हेमंत पाटीदार ने कहा कि यह झांकी मन को स्थिर, एकाग्र और शांत करने की एक अद्भुत कला का संदेश देती है। परमात्म शक्ति से जुड़कर व्यक्ति अपने मन व जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उन्होंने झांकी की प्रशंसा करते हुए मेडिटेशन के माध्यम से दिए जा रहे आध्यात्मिक संदेश को प्रेरणादायी बताया।

ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने मां दुर्गा की शक्तियों के आध्यात्मिक रहस्य को स्पष्ट करते हुए बताया कि देवी के हाथों में धारण किए गए अस्त्र-शस्त्र केवल बाहरी शक्ति के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वे मनुष्य के भीतर विद्यमान दिव्य गुणों का भी प्रतीक हैं। मां दुर्गा का साहस हमें निर्भय बनना, उनका तेज आत्मविश्वास रखना और उनकी शक्ति नकारात्मक विचारों एवं बुराइयों पर विजय प्राप्त करना सिखाती है। सच्ची शक्ति आत्मज्ञान, मन की पवित्रता, धैर्य और परमात्मा से जुड़ाव में निहित है।

चैतन्य देवियों की झांकी ने श्रद्धालुओं को केवल देवी दर्शन ही नहीं, बल्कि अपने जीवन में दिव्य गुणों को धारण कर बेहतर जीवन जीने की प्रेरणा भी दी।

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