कलेक्ट्रेट पर ‘बाप’ विधायक का बड़ा शक्ति प्रदर्शन: बैरिकेड्स तोड़कर पहुंचे सैकड़ों आदिवासी, 48 सूत्रीय मांगों को लेकर घेरा

​सैलाना से रतलाम तक 20 किमी की आक्रोश रैली; पुलिस के इंतजाम हुए फेल; कलेक्टर को ही ज्ञापन देने पर अड़े प्रदर्शनकारी

​रतलाम। 24 जून ( News SSR ) खाद-बीज की किल्लत, स्वास्थ्य, शिक्षा और रतलाम निवेश क्षेत्र (इन्वेस्टमेंट रीजन) के विरोध सहित कई स्थानीय मुद्दों को लेकर बुधवार को भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के विधायक कमलेश्वर डोडियार के नेतृत्व में आदिवासियों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। सैलाना विधानसभा क्षेत्र से निकले सैकड़ों आदिवासियों के आक्रोश के आगे पुलिस-प्रशासन के सारे सुरक्षा इंतजाम ध्वस्त हो गए। प्रदर्शनकारी रास्ते में लगाए गए पुलिस के कई बैरिकेड्स तोड़ते हुए सीधे कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट तक जा पहुंचे।

​आदिवासी किसान और युवा शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर सैलाना से रैली के रूप में पैदल और वाहनों से प्रदर्शन करते हुए रतलाम पहुंचे। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का हवाला देकर रैली को रास्ते में ही रोकने और समाप्त करने का आग्रह किया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। अंबेडकर सर्किल पर भारी पुलिस बल तैनात था और मजबूत बैरिकेडिंग की गई थी, लेकिन उग्र आदिवासी युवा और नेता उन्हें नीचे गिराते हुए आगे बढ़ गए। इसके बाद चौराहे पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) राकेश पंद्रो के नेतृत्व में लगाए गए बैरिकेड्स भी प्रदर्शनकारियों को नहीं रोक सके।

​कलेक्ट्रेट के बाहर धरना, जमकर नारेबाजी
​मामला बिगड़ता देख पुलिस ने तत्परता दिखाई और प्रदर्शनकारियों के पहुंचने से ठीक पहले कलेक्ट्रेट कार्यालय के मुख्य द्वार पर आखिरी घेराबंदी की। इसके बाद विधायक डोडियार के नेतृत्व में सभी प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट के बाहर ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान केशु निनामा और चंदू मईडा सहित प्रमुख आदिवासी नेताओं ने संबोधित किया। प्रदर्शनकारी जिला कलेक्टर सुश्री मिशा सिंह को ही मौके पर बुलाकर ज्ञापन सौंपने की मांग पर अड़े रहे। बाद में एडीएम बृजेंद्र और ग्रामीण एएसपी विवेक कुमार लाल को मुख्यमंत्री व कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

​सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए एएसपी राकेश पंद्रो, डीएसपी अजय सारवान,किशोर पाटनवाला, स्टेशन रोड थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह जादौन, माणक चौक थाना प्रभारी विक्रम चौहान, डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव, औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी गायत्री सोनी और सैलाना थाना प्रभारी पिंकी आकाश सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मुस्तैद रहा।

​48 सूत्रीय ज्ञापन की प्रमुख मांगें:
​विधायक कमलेश्वर डोडियार द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में सैलाना क्षेत्र के विकास और आदिवासियों के अधिकारों से जुड़ी 48 मांगें शामिल हैं। अनुसूचित क्षेत्र में बिना ग्राम सभा की सहमति, पेसा एक्ट (PESA Act) और वनाधिकार अधिनियम के नियमों के विरुद्ध आदिवासियों की जमीन का अधिग्रहण असंवैधानिक है। इसे तत्काल निरस्त किया जाए। खाद-बीज की कालाबाजारी और अधिक दाम वसूलने पर रोक लगे। ई-टोकन और फार्मर रजिस्ट्री की विसंगतियां दूर हों। सरवन, शिवगढ़, बासिन्द्रा और रावटी में नगद खाद बिक्री केंद्र खुलें। रतलाम-बांसवाड़ा मार्ग को फोरलेन किया जाए। 8-लेन मार्ग से प्रभावित गांवों में वैकल्पिक सड़क-पुलिया बनें। बारिश में खराब रास्तों पर मुरम/ग्रेवल डलवाई जाए।

सैलाना अस्पताल का जीर्णोद्धार हो। रावटी, शिवगढ़ और सरवन पीएचसी को सीएचसी में बदला जाए। डॉक्टरों की कमी दूर की जाए और मरीजों को छोटी बातों पर रेफर करने की आदत पर रोक लगे। सैलाना में कृषि महाविद्यालय (Agriculture College) स्थापित हो। स्कूलों में रिक्त शिक्षकों के पद भरे जाएं और सीएम राइज स्कूलों के आदिवासी बच्चों के लिए बस सुविधा शुरू हो। पटवारियों और ग्राम पंचायत सचिवों की मुख्यालय पर नियमित उपस्थिति अनिवार्य की जाए।

​”सैलाना विधानसभा क्षेत्र के लोग लंबे समय से प्रशासनिक उदासीनता और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। अगर इन 48 मांगों पर संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक बुलाकर समय सीमा में कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन और उग्र होगा।”
— कमलेश्वर डोडियार, विधायक, सैलाना

More From Author

नशामुक्त भारत अभियान अंतर्गत जिला स्तरीय मास्टर वॉलंटियर्स प्रशिक्षण सम्पन्न

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Categories