जैन धर्म की आधारशीला हीं तप है : महासती प्रफुल्ला श्री म सा
नीमचौक श्रीसंघ मे सात दिवसीय सिद्धि तप महोत्सव संपन्न

रतलाम 29 सितंबर।( News SSR )जिन महापुरुषों ने रतलाम के दोनों श्रीसंघ को तप, साधना से सींचा है आज अद्भुत नजारा देखने को जैन दिवाकर श्री संघ मे मिल रहा है। हमारे गुरुदेवो पूज्य जैन दिवाकर चौथमल जी म. सा, मालवा रत्न कस्तूरचंद जी म. सा, मालवा केसरी सौभाग्य मल म. सा और तपस्वी मोहनमुनी जी म सा ने रतलाम के जैन दिवाकर श्रीसंघ एवं धर्मदास श्री सघ मे जो प्रेम रूपी वर्षा बरसाई है उसी का परिणाम है जी आज यहां तपस्या की झड़ी लगी हुईं है।

महापुरुषों के साथ साथ हमारे पूर्वजो ने इस वट वृक्ष को सींचा है जिससे दोनों श्रीसंघ श्रमण संघ मे अपना नाम देदीप्तमान कर रहे है। यह सब हमारे अपने संस्कारो से आते है। आज इस दरबार मे सिद्धि तप के तपस्वीयो के साथ साथ बाल तपस्वीयो के भी तप की अनुमोदना, सिद्धि तप मासखामण के तप से भी बड़ा तप है यह 44 दिन तक की आराधना से अपने कर्मो की नीरजरा होती है। रतलाम का संघ जयवंत संघ है जहाँ यह तपस्या बड़ी सहजता से संपन्न हुई, तपस्या से जिन शासन का मार्ग खुलता है और कर्मो की नीरजरा होती है। उक्त विचार श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ नीमचौक द्वारा आयोजित सामूहिक सिद्धि तपस्वीयो के अभिनन्दन समारोह मे आशीर्वाचन के रूप मे श्रमण संघीय प्रवर्तक प्रकाश मुनि जी म. सा ने व्यक्त किए।

धर्मसभा को महासती प्रफुल्ला श्री जी म. सा ने सम्बोधित करते हूए कहा की तप के विषय मे जितना बोले उतना कम है, हमारे जैन धर्म की आधारशीला हीं तप है। रतलाम मे बड़े बड़े गुरुदेवो के तप और साधना से यह जमीन सिंचित हुईं है और आज सिद्धि तप की तपस्या से प्रफुल्लित हो रही है। यह धर्म का पर्व है इसके लिए पुरे श्रीसंघ की खूब खूब अनुमोदना की जिन्होंने हमारे द्वारा सिद्धि तप की तपस्या के लिए बोला और पूरा श्रीसंघ एक होकर यह तपस्या को बहुत अच्छे से संपन्न करवाई। आज रतलाम मे प्रवर्तक श्री की कृपा से यह चातुर्मास बहुत अच्छे से हो रहा है जो श्रमण संघ की गरिमा बड़ा रहा है।
कार्यक्रम को महासती महिमा श्री जी, महासती सुमन प्रभा जी ने भी सम्बोधित करते खूब खूब धर्म आराधना करने का आवहान करते जिन शासन की शौभा बढ़ाने वाले तपस्वीयो की अनुमोदना की। कार्यक्रम को पूज्य साध्वी महती जी, साध्वी प्रणया जी, साध्वी परिज्ञा जी ने अपने सुमधुर भजन से धर्मसभा को बांध दिया। कार्यक्रम मे महासती चंदन बाला जी आदि ठाना 2, उपप्रवर्तिनी सुमन प्रभा जी म सा आदि ठाना 8 का सानिध्य मिला। कार्यक्रम को श्रीमती प्रतिभा विनोद जी कटारिया ने भी सम्बोधित किया।
कार्यक्रम मे स्वागत उद्बोधन देते श्रीसंघ अध्यक्ष अजय खेमसरा ने कहा की आज सुखद अवसर है की हमारे श्री संघ मे पहली बार सिद्धि तप की तपस्या हुईं है. यह गुरुदेव और गुरुणी मैय्या की असीम कृपा से संभव हुआ है। तपस्या करने वाले सभी तपस्वी की खूब खूब अनुमोदना था पधारे सभी अतिथियों और समाज जन का अभिनन्दन।
श्रीसंघ मीडिया प्रभारी नीलेश बाफना ने बताया की कार्यक्रम के दौरान सभी तपस्वीयो की संगीतमय प्रवेश कराया गया। उसके बाद बहुमान के लाभार्थी परिवार राजकुमारी राजेंद्र मांगीलाल जी कटारिया परिवार व रक्षिता, डेविसा, दिनेश वर्षा जी जैन परिवार एवं श्री संघ द्वारा सभी तपस्वीयो का बहुमान किया गया। कार्यक्रम का सफल बनाने मे श्रीसंघ अध्यक्ष अजय खिमेसरा, महामंत्री विनोद कटारिया, कोषाध्यक्ष अमृत कटारिया, संघ रत्न इंदरमल जैन, संघ गौरव महेन्द्र बोथरा, मणिलाल कटारिया, सुरेश कटारिया, ललित पटवा, प्रेम कुमार मोगरा, जयंतीलाल डांगी, विनोद बाफना, प्रकाश मेहता, विजय कटारिया, विजय पटवा नवयुवक मंडल अध्यक्ष आशीष कटारिया, वीरेंद्र कटारिया, अरिहंत बोराणा, पंकज पटवा, मनीष भटेवरा, रितेश मूणत, पारस मेहता,बहु मंडल अध्यक्ष रीना गांधी, ऋतु कटारिया, समता पितलिया, महिला मंडल अध्यक्ष मीना बोथरा, उषा बोथरा, , बालिका मंडल अध्यक्ष रक्षिता पटवा, जियांशी कटारिया, बालक मंडल अध्यक्ष लक्ष्य कटारिया, श्रेयांश बाफना, शुभ बोराना आदि सभी का सहयोग सराहनीय रहा। कार्यक्रम का संचालन विनोद बाफना ने एवं आभार विनोद कटारिया ने किया।
कार्यक्रम के मुख्य लाभार्थी श्रीमती शांता कुमारी इंदर मल जैन वकील सा, श्रीमति कमलाबाई बसंतीलाल परिवार के ललित जी, पंकज जी प्रवीण जी पटवा परिवार रहे। इसके साथ एक दिन पूर्व सभी सिद्धि तप तपस्वी परिवार द्वारा तुलादान का कार्यक्रम और संध्या मे मातृ पिता वंदन भक्ति संध्या का आयोजन हुआ जिसके लाभार्थी रखबचंद रतनलाल ललित कटारिया परिवार व संतोष कुमार, मनीष, शालीन बोहरा परिवार रहा। इसके साथ अन्य कार्यक्रमों के तहत पत्रिका लेखन के मिट्ठूलाल जी, अजय जी, आयुष जी खेमसरा परिवार, केसर चंदन के बापूलाल जी महेन्द्र जी, सौरभ जी बोथरा परिवार, धार्मिक अंताक्षरी के श्रीमती मगनबाई मोतीलाल जी डांगी परिवार, मेहंदी के भँवरलाल जी विनोद जी बाफना परिवार, तपस्या चौबीसी के अमोलक बाई समरथ मल जी कटारिया परिवार काल्मोड़ा वाला लाभार्थी रहा।