फिक्की मुख्यालय में राष्ट्रीय निर्णायक मंडल के सामने हुआ प्रस्तुतीकरण

रतलाम।15 सितम्बर ( News SSR )सांदीपनि विद्यालय विनोबा, रतलाम ने फिक्की समर्थित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर के “अराइज अवॉर्ड” के तीसरे चरण में सफलतापूर्वक प्रस्तुतिकरण किया।
विद्यालय ने ‘टीचर्स प्रोफेशनल डेवलपमेंट’ श्रेणी में पहले चरण की प्रभावी प्रस्तुति की और दूसरे चरण में दस्तावेज प्रस्तुत करने के बाद तीसरा चरण 12 सितंबर को नई दिल्ली स्थित फिक्की मुख्यालय में आयोजित हुआ, जहां विद्यालय के ‘स्कूल टीचर प्रोफेशनल डेवलपमेंट मॉडल’ पर राष्ट्रीय ग्रैंड जूरी के समक्ष प्रस्तुतीकरण दिया गया।प्रस्तुतीकरण विध्यालय के उप प्राचार्य और “साइकल आफ ग्रोथ ” मॉडल का निर्माण करने वाले राष्ट्रपति पुरस्कार शिक्षक गजेन्द्र सिंह राठौर ने किया।
प्रथम चरण मे देशभर से हजारों विद्यालय इस चयन प्रक्रिया में भाग लेते हैं और तीसरे चरण तक हर कैटेगरी में शॉर्टलिस्ट किये हुए विद्यालय पहूंचते है जहाँ उनके कार्यों का प्रस्तुतिकरण और प्रश्नोत्तर सत्र होता है।
शिक्षकों के सतत व्यावसायिक विकास पर विद्यालय का विशेष जोर
विद्यालय शिक्षक व्यावसायिक विकास के लिए एक विशिष्ट दृष्टिकोण अपना रहा है, जिसमें देश-दुनिया के अग्रणी विद्यालयों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को साझा कर सीखने पर जोर है।
मॉडल का उद्देश्य शिक्षकों को नई पीढ़ी के साथ निरंतर विकसित होने के लिए तैयार करना और विद्यालय में सतत व्यावसायिक विकास का मजबूत तंत्र बनाना है।
प्रस्तुतीकरण में शिक्षक विकास मॉडल की निरंतरता, सीखने की प्रक्रिया और विद्यालय-स्तरीय प्रभाव को प्रमुखता से रखा गया।
‘नई पीढ़ी के साथ शिक्षकों का विकास भी निरंतर होना चाहिए’
उप प्राचार्य गजेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि ” हमारा लक्ष्य ऐसा शैक्षिक वातावरण तैयार करना है ,जिसमें सतत व्यावसायिक विकास से टीम विनोबा के शिक्षकों के सीखने, प्रयोग करने और अपने अभ्यास को लगातार बेहतर बनाने के लिए एक समग्र पारिस्थितिकी तंत्र सतत रूप से जारी रहे ,विद्यालय अब सभी शिक्षकों के लिए शिक्षण प्रक्रिया में एआई उपकरणों के एकीकरण की दिशा में अगले चरण पर काम कर रहा है।
इसके साथ ही शिक्षकों के लिए स्व-गति आधारित ऐसी प्रणाली विकसित की जा रही है, जो उद्यमी सोच को बढ़ावा देगी।
विद्यालय की निरंतर विकास यात्रा में ‘साइकिल ऑफ ग्रोथ’ के साथ ‘द जेन साह मॉडल’, ‘ब्रूडिंग इफेक्ट’ जैसे नवाचारों को जोड़ा जा रहा है।”
इस उपलब्धि पर संस्था प्राचार्य संध्या वोरा ने बताया कि अंतिम चयन का परिणाम प्रतिक्षित है और अवार्ड सेरेमनी 26 सितंबर को नई दिल्ली में फिक्की मुख्यालय पर होगी।