
150 से अधिक मास्टर वॉलंटियर्स को मिला प्रशिक्षण, नशामुक्त समाज निर्माण का लिया संकल्प
रतलाम 24 जून। ( News SSR ) सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा म.प्र. जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान (वाल्मी), भोपाल के माध्यम से नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय मास्टर वॉलंटियर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम “नशामुक्त भारत अभियान विकसित भारत की पहचान” सप्ताह (17 जून से 26 जून 2026) के अंतर्गत 24 जून बुधवार को प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय रतलाम के ज्ञान भवन में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नीरज पवैया, उपसंचालक सामाजिक न्याय श्रीमती संध्या शर्मा, शासकीय मेडिकल कॉलेज से सहायक प्राध्यापक डॉ. गौरव चित्तौड़ा, नारकोटिक्स विभाग जिला प्रभारी आदर्श योगी, राज्य स्तरीय प्रशिक्षक रजत नागदा, जय कुमार गुप्ता, समन्वयक वाल्मी, एनमस अल्कोहल नवीन पाल, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी सुश्री बी.के. सीमा, गायत्री परिवार के युवा प्रकोष्ठ के प्रांतीय संयोजक विवेक चौधरी, पतंजलि युवा स्वाभिमान के जिला प्रभारी विशाल कुमार वर्मा, पुलिस विभाग रतलाम से कार्यवाहक निरीक्षक श्रीमती लिलियन मालवीय, जिला योग प्रभारी श्रीमती आशा दुबे एवं आनंद विभाग जिला समन्वयक श्रीमती सीमा अग्निहोत्री की उपस्थिति में प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री नीरज पवैया ने कहा कि नशा व्यक्ति के साथ-साथ परिवार एवं समाज को भी प्रभावित करता है। युवाओं को कानूनी जागरूकता के साथ नशे से दूर रहकर स्वस्थ एवं जिम्मेदार नागरिक बनने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उपसंचालक सामाजिक न्याय श्रीमती संध्या शर्मा ने कहा कि नशामुक्त भारत अभियान का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक जागरूकता पहुंचाकर नशे के विरुद्ध सकारात्मक वातावरण तैयार करना है। उन्होंने प्रशिक्षित मास्टर वॉलंटियर्स से अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियों का संचालन कर अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया।
डॉ. गौरव चित्तौड़ा ने मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए स्वस्थ जीवनशैली, योग, खेल एवं सकारात्मक गतिविधियों को अपनाने का संदेश दिया। श्री आदर्श योगी ने मादक पदार्थों की अवैध तस्करी, नशे से जुड़े अपराधों तथा कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए समाज को सजग एवं सतर्क रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नशे के विरुद्ध लड़ाई में प्रशासन एवं समाज दोनों की सहभागिता आवश्यक है। श्री रजत नागदा ने प्रशिक्षण के दौरान मास्टर वॉलंटियर्स की भूमिका, सामुदायिक जागरूकता, व्यवहार परिवर्तन एवं अभियान की कार्ययोजना पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित स्वयंसेवक नशामुक्त भारत अभियान के वास्तविक परिवर्तनकारी दूत बनेंगे। श्री जय कुमार गुप्ता ने कहा कि नशामुक्त भारत का सपना तभी साकार होगा जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति स्वयं जागरूक होकर दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने युवाओं को सकारात्मक नेतृत्व एवं सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने का संदेश दिया।
प्रशिक्षण सत्र में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों एवं विभिन्न क्षेत्रों के विषय-विशेषज्ञों के साथ-साथ अल्कोहोलिक्स एनॉनिमस (ए.ए.) के सदस्यों द्वारा भी मास्टर वॉलंटियर्स को नशे की रोकथाम, पुनर्वास, सघन प्रचार-प्रसार, सामाजिक चेतना जागृत करने तथा जनसामान्य को अभियान से जोड़ने के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के 150 से अधिक मास्टर वॉलंटियर्स उपस्थित थे। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सभी 150 से अधिक मास्टर वॉलंटियर्स को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। यह प्रशिक्षित टीम अब जिले के प्रत्येक शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में जाकर नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जनजागरूकता गतिविधियों का संचालन करेगी तथा समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएगी।
इस अवसर पर नशामुक्ति पर आधारित उड़ान सिने फिल्म के श्री कमलेश पाटीदार के निर्देशन में निर्मित “बदलाव” शॉर्ट मूवी के पोस्टर का विमोचन किया गया तथा फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। फिल्म के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों एवं उससे मुक्ति के सकारात्मक संदेश को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम का संचालन म.प्र. जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री रत्नेश विजयवर्गीय द्वारा किया गया तथा समापन पर विभाग की ओर से श्री दिलीप सिसौदिया ने आभार व्यक्त किया गया। उपस्थितजनों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गयी ।