
जावरा (नि.प्र.)।( News SSR )अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के रतलाम जिला अध्यक्ष राजकुमार हरण एवं जिला महिला प्रभारी श्रीमती मंजू हरण ने शनिवार को जिला दिव्यांग (मूक-बधिर) छात्रावास, पिपलौदा का आकस्मिक अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान दोनों पदाधिकारियों ने छात्रावास की अनुशासित व्यवस्थाओं, बच्चों के आत्मीय वातावरण एवं स्टाफ की सेवाभावी कार्यशैली की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इसे शासन द्वारा संचालित एक प्रेरणादायी संस्था बताया।
छात्रावास के वार्डन अंबाराम बोस विभागीय बैठक के सिलसिले में रतलाम प्रवास पर होने के कारण निरीक्षण के समय उपस्थित नहीं थे। संगठन की ओर से उनके द्वारा छात्रावास के प्रति किए जा रहे समर्पित कार्यों एवं निरंतर सहयोग की सराहना करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। निरीक्षण के दौरान सहायक वार्डन कन्हैयालाल बोस ने छात्रावास के विभिन्न विभागों का अवलोकन करवाते हुए विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्था शासन एवं समाजसेवी दानदाताओं के सहयोग से संचालित हो रही है। साइन लैंग्वेज शिक्षिका रेखा सूर्यवंशी, केयरटेकर खुशी परिहार एवं कमलेश सूर्यवंशी ने बच्चों की शिक्षा, संस्कार एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण संबंधी जानकारी प्रदान की।
अवलोकन के दौरान सभी बच्चे छात्रावास के हाल में एक साथ बैठकर चाय का आनंद लेते हुए मिले। बच्चों के अनुशासन, आपसी सौहार्द एवं स्टाफ की समर्पित कार्यशैली से प्रभावित होकर जिला अध्यक्ष राजकुमार हरण ने कहा, “जहाँ शब्द नहीं, वहाँ मुस्कान बोलती है। मानवता की सच्ची भाषा यही है। हमारा आगामी विशेष दिवस हम इन्हीं नन्हें बच्चों के बीच मनाएंगे, क्योंकि सच्ची सेवा का वास्तविक आनंद यहीं मिलता है।”
जिला महिला प्रभारी मंजू हरण ने छात्रावास भवन की जर्जर दीवारों एवं पुराने हो चुके रंग-रोगन की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि भवन का सौंदर्यीकरण बच्चों के सकारात्मक मानसिक विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस विषय में शासन-प्रशासन से चर्चा कर आवश्यक पहल की जाएगी। साथ ही उन्होंने छात्रावास की अनुशासित व्यवस्था एवं सेवाभावी वातावरण की सराहना करते हुए कहा कि शीघ्र ही संगठन की जिला टीम के साथ पुनः यहाँ सेवा गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन द्वारा गत वर्ष छात्रावास को भेंट किए गए 50 मोटे रुई के गद्दों का भी अवलोकन किया गया। बच्चों से चर्चा में यह जानकर संतोष व्यक्त किया गया कि सभी गद्दे नियमित उपयोग में हैं तथा उनसे बच्चों को आरामदायक सुविधा मिल रही है। इससे संगठन के सेवा कार्यों की सार्थकता और समाज के सहयोग का सकारात्मक परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन पिपलोदा अध्यक्ष एजाजुद्दीन शेख तथा
अंकित हरण भी उपस्थित रहे।
“जहाँ शब्द नहीं, वहाँ मुस्कान बोलती है… मानवता की सच्ची भाषा यही है।” — राजकुमार हरण