कुछ कहानियाँ केवल शब्द नहीं होतीं, वे एक परिवार के आँसू, पीड़ा और त्याग की जीवित दास्तान होती हैं। यह भी ऐसी ही एक सच्ची कहानी है।

पिपलौदा।( News SSR ) जब देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने “हर घर तिरंगा” अभियान का आह्वान किया, तब करोड़ों देशवासियों की तरह हमारे बेटे समर्पण मालवीय ने भी पूरे उत्साह और समर्पण के साथ इसमें भाग लेने का निश्चय किया। उसके मन में केवल एक ही भावना थी—देश सबसे पहले।
इसी भावना से प्रेरित होकर उसने “हर घर तिरंगा, हर मन तिरंगा” गीत का वीडियो स्वयं तैयार किया। शूटिंग के दौरान वह बिना किसी सुविधा या विशेष सुरक्षा की चिंता किए पूरे समर्पण के साथ कार्य कर रहा था। तभी लगभग 10 फीट की ऊँचाई से गिरने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस दुर्घटना का सबसे अधिक प्रभाव उसके हृदय पर पड़ा।
इस गीत की विशेषता केवल इसका संदेश नहीं है, बल्कि इसमें उस समय के अनेक सम्मानित जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति भी इसे और अधिक यादगार बनाती है। गीत में जावरा विधायक श्री राजेन्द्र पांडे, तत्कालीन कलेक्टर श्री नरेंद्र सूर्यवंशी तथा तत्कालीन एसडीएम की सहभागिता भी रही, जिससे यह अभियान और अधिक प्रेरणादायक बन गया।
दुर्घटना के बाद समर्पण को लगभग 10 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। समय बीत गया, लेकिन उस हादसे की पीड़ा आज भी उसका साथ नहीं छोड़ रही है। वर्ष 2026 में भी वह उसी दुर्घटना के कारण हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहा है। पहले जैसा स्वस्थ, ऊर्जावान और सक्रिय बेटा अब शारीरिक कमजोरी तथा लगातार उपचार के कठिन दौर से गुजर रहा है।
एक माँ और पिता के लिए इससे बड़ा दुःख क्या हो सकता है कि उनका इकलौता बेटा, जिसने देश के सम्मान के लिए अपना योगदान देने का प्रयास किया, आज उसी दुर्घटना की पीड़ा अपने शरीर और जीवन में ढो रहा है।
यह लेख किसी से शिकायत करने के लिए नहीं लिखा गया है। यह केवल उस त्याग को समाज के सामने रखने का एक विनम्र प्रयास है, जिसे शायद बहुत कम लोग जानते हैं। देशभक्ति केवल शब्दों से नहीं निभती; कई बार इसके लिए अपने स्वास्थ्य, अपने सुख और अपने भविष्य तक की कीमत चुकानी पड़ती है।
हमें अपने बेटे पर गर्व है। उसने राष्ट्र को सर्वोपरि माना। एक माता-पिता होने के नाते उसकी तकलीफ देखकर हमारी आँखें नम हो जाती हैं, लेकिन उसके भीतर की देशभक्ति आज भी हमारे हृदय को गर्व से भर देती है।
ईश्वर से हमारी यही प्रार्थना है कि हमारा बेटा शीघ्र पूर्णतः स्वस्थ हो, और पुनः उसी उत्साह, समर्पण और राष्ट्रप्रेम के साथ समाज एवं देश की सेवा कर सके।