कलेक्टर ने तालाब का पानी खुद पीकर चखा, बोले- पानी का स्वाद हिमालयन ड्रिंकिंग वाटर जैसा

6 किलोमीटर पैदल चलकर शिवगढ़ वन परिक्षेत्र में विकसित सघन वन एवं जल संरचनाओं का किया निरीक्षण

859 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित हो रहा सघन वन, तीन वर्षों में 2 लाख पौधों का रोपण

56 चेकडैम से 45 करोड़ लीटर वर्षा जल संरक्षण का प्रयास

रतलाम4सितंबर( News SSR )कलेक्टर अजय कटेसरिया ने सैलाना प्रवास के दौरान शिवगढ़ वन परिक्षेत्र में हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट द्वारा विकसित किए जा रहे सघन वन एवं जल संरक्षण कार्यों का विस्तृत भ्रमण किया। कलेक्टर ने लगभग 6 किलोमीटर पैदल चलकर वन क्षेत्र का भ्रमण किया और पौधरोपण, पौधों के रखरखाव, जल संरक्षण तथा ग्रामीणों को मिलने वाले संभावित लाभों की जानकारी ली।

भ्रमण के दौरान कलेक्टर श्री कटेसरिया ने वन क्षेत्र में निर्मित चेकडैम एवं जल संरचनाओं का भी निरीक्षण किया। एक चेकडैम में एकत्रित स्वच्छ जल को देखकर उन्होंने स्वयं पानी चखकर उसकी गुणवत्ता एवं स्वाद का अनुभव किया। पानी पीने के बाद कलेक्टर ने कहा कि “इस पानी का स्वाद हिमालयन ड्रिंकिंग वाटर जैसा है।” उन्होंने जल संरक्षण के इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वर्षा जल को संरक्षित कर उसका उपयोग करना पर्यावरण और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

859 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित हो रहा सघन वन

हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट द्वारा शिवगढ़ वन परिक्षेत्र में लगभग 859 हेक्टेयर क्षेत्र में सघन वन विकसित किया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत विगत तीन वर्षों में लगभग 2 लाख पौधों का रोपण एवं रखरखाव किया गया है। साथ ही बीजारोपण के माध्यम से 3 लाख से अधिक पौधों की नर्सरी तैयार की गई है।

नर्सरी कार्य में स्थानीय समुदाय की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है। इसमें 60 प्रतिशत से अधिक स्थानीय महिलाओं की सहभागिता है। इससे महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आय के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।

परियोजना के आगामी चरण में एक लाख नवीन पौधों के रोपण की तैयारी की जा रही है। आगामी वर्षों में कुल 5 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है।

56 चेकडैम से 45 करोड़ लीटर वर्षा जल संरक्षण का प्रयास

वन क्षेत्र में जल संरक्षण के लिए हार्टफुलनेस संस्था द्वारा विभिन्न जल संरचनाओं का निर्माण एवं विकास किया गया है। परियोजना के अंतर्गत लगभग 56 चेकडैम निर्मित किए गए हैं, जिनके माध्यम से करीब 45 करोड़ लीटर वर्षा जल के संचयन का प्रयास किया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त लगभग 2 करोड़ लीटर क्षमता वाले तीन सरोवरों के माध्यम से जल का संग्रहण किया जा रहा है। इन जल संरचनाओं के पानी से लगभग 75 रेन गन एवं 70 हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप सिंचाई के माध्यम से सिंचाई कार्य किया जा रहा है।

14 गांवों को मिलेगा जल संरक्षण एवं पर्यावरणीय गतिविधियों का लाभ

परियोजना क्षेत्र के आसपास की 3 ग्राम पंचायतों के 14 गांवों को इन गतिविधियों का लाभ मिलने की संभावना है। परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में जल संरक्षण, वन विकास, बिगड़े वनों का सुधार एवं वन सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार के अवसर भी तैयार किए जा रहे हैं।

ग्राम वन समितियों के सहयोग से विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इनमें प्राकृतिक संपदा का विकास, जल प्रबंधन, पौधरोपण, वनों का सुधार एवं सुरक्षा संबंधी कार्य शामिल हैं। इन प्रयासों से स्थानीय आबादी को पर्यावरणीय, आर्थिक एवं सामाजिक लाभ मिलने की संभावना है।

भ्रमण के दौरान कलेक्टर श्री कटेसरिया ने वन क्षेत्र में किए जा रहे अतिक्रमण की स्थिति को भी संज्ञान में लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से वन क्षेत्र की सुरक्षा एवं संरक्षण के संबंध में जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि विकसित किए जा रहे वन क्षेत्र की सुरक्षा, पौधों का संरक्षण तथा जल संरचनाओं की निरंतर देखरेख आवश्यक है, ताकि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र एक बेहतर हरित एवं जल संरक्षण मॉडल के रूप में विकसित हो सके।

कलेक्टर ने लगाया चंपा का पौधा

भ्रमण के दौरान कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने वन क्षेत्र में चंपा का पौधा भी लगाया। उन्होंने पौधरोपण के साथ उसके संरक्षण एवं नियमित देखभाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पौधा लगाना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण उसका संरक्षण कर उसे वृक्ष के रूप में विकसित करना है।

स्थानीय सहभागिता से विकसित हो रहा प्राकृतिक संसाधन

हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट के जिला समन्वयक निलेश शुक्ला ने कलेक्टर को संस्था की गतिविधियों एवं शिवगढ़ परियोजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परियोजना में स्थानीय ग्राम वन समितियों एवं ग्रामीण समुदाय को साथ लेकर वन विकास, जल संरक्षण, पौधरोपण एवं रोजगार से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

कलेक्टर श्री कटेसरिया ने संस्था द्वारा किए जा रहे पौधरोपण, जल संरक्षण एवं स्थानीय सहभागिता के कार्यों का अवलोकन किया और क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस दौरान सैलाना एसडीएम श्री कृष्णपाल सिंह बघेल एवं तहसीलदार सैलाना श्री मनीष जैन सहित संबंधित अधिकारी एवं हार्टफुलनेस संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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