SH-39 के टंकी चौराहे और सगस बाऊजी मंदिर चौराहे पर हाईमास्ट लाइट लगाने की मांग, रिफ्लेक्टर, स्पीड ब्रेकर और यातायात संकेतक लगाने के लिए उठाई आवाज

सैलाना। ( News SSR ) रतलाम-बांसवाड़ा राज्य राजमार्ग SH-39 पर सैलाना नगर के दो प्रमुख चौराहे इन दिनों सड़क सुरक्षा की दृष्टि से चिंता का विषय बने हुए हैं। टंकी चौराहा और धामनोद-सैलाना मार्ग स्थित सगस बाऊजी मंदिर चौराहे पर रात के समय पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अंधेरे के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। इस गंभीर समस्या को लेकर सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) का ध्यान आकर्षित करते हुए दोनों चौराहों पर हाईमास्ट लाइट सहित यातायात सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग उठाई है।
विधायक डोडियार ने 2 नवंबर 2026 को पत्र क्रमांक 724/VIP/2026 के माध्यम से MPRDC के उज्जैन संभाग के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर बताया कि राज्य राजमार्ग SH-39 पर स्थित ये दोनों चौराहे अत्यंत व्यस्त एवं दुर्घटना संभावित स्थल हैं। यहां से 24 घंटे यात्री बसों, ट्रकों, भारी वाहनों और कृषि वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। इसके बावजूद रात्रि के समय पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से चौराहों पर घना अंधेरा छा जाता है।
विधायक ने पत्र में उल्लेख किया कि स्ट्रीट लाइट अथवा हाईमास्ट लाइट के अभाव में वाहन चालकों को सड़क के मोड़, चौराहों की स्थिति और सामने से आने वाले वाहनों का सही अनुमान नहीं लग पाता। इससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है और गंभीर जनहानि की आशंका बनी रहती है।
सिर्फ रोशनी नहीं, सुरक्षा के पूरे इंतजाम की मांग
विधायक कमलेश्वर डोडियार ने MPRDC से दोनों चौराहों पर तत्काल उच्च क्षमता वाली हाईमास्ट लाइट स्थापित करने की मांग की है। इसके साथ ही दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए रिफ्लेक्टर, स्पीड ब्रेकर, दिशा सूचक बोर्ड और आवश्यक यातायात संकेतक लगाने की बात भी कही है। उनका कहना है कि जनहित और लोक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इन स्थानों पर जल्द से जल्द आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।
अब MPRDC की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
विधायक ने संबंधित विभाग से जनहित में त्वरित कार्रवाई करने और की गई कार्रवाई से अवगत कराने का अनुरोध किया है। पत्र की प्रतिलिपि रतलाम कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी को भी भेजी गई है, ताकि जिला प्रशासन के स्तर पर भी इस महत्वपूर्ण समस्या पर ध्यान दिया जा सके।