रतलाम। भारतीय संस्कृति अपनी विविधताओं के लिए जानी जाती है। इस विविधता में कला की धनि हमारी संस्कृति की एक कथकली नृत्य कला पुरे विश्व में प्रसिद्ध है। जिसमें कथा मतलब कहानी और कली मतलब नृत्य होता है। इस नृत्य कला में नृत्य के माध्यम से भारतीय दर्शन की कहानी प्रस्तुत की जाती है। यही कथाकली का आयोजन सृजन महाविद्यालय में हुआ। जिसमें नृत्य के द्वारा द्रौपदी व भीम का संवाद दर्शाया। जिसमें द्रौपदी भीम से फूलों के बाग़ की मांग करतीं है और भीम किस तरह द्रौपदी को स्नेह पूर्वक सुन उनके फूलों का बाग़ लातें हैं। यह कार्यक्रम सांस्कृतिक मंत्रालय, एसआरएफ एवं स्पीक मेके के सहयोग से हुआ। जिसमें केरल से आएं कलाकार नंदकुमार गुरूजी और उनकी मण्डली रही। जिन्होंने सुन्दर प्रस्तुति प्रदर्शित करके दर्शकों का दिल जीत लिया। साथ ही कार्यक्रम के प्रबंधक अप्पुकुटम सोरालयम स्पिक मेके से आनंद व्यास सृजन महाविद्यालय का तमाम स्टाफ- विद्यार्थीगण मौजूद रहा। संचालन माधवी शर्मा ने किया व आभार सृजन महाविद्यालय के समन्वयक निसर्ग दुबे ने माना।
- Home
- Uncategorized
- भारतीय शास्त्रीय कला और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव कथकली प्रदर्शन का आयोजन
Posted in
Uncategorized
भारतीय शास्त्रीय कला और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव कथकली प्रदर्शन का आयोजन
You May Also Like
More From Author
रतलाम में सिविल सर्जन के साथ मारपीट : जिला अस्पताल के दो डॉक्टरों पर हमला करवाने का आरोप, कलेक्टर ने रात में बंद कराया जीवांश हॉस्पिटल