ट्रेन में महिला ने बेटी को दिया जन्म : महिला सिपाही ने चादर की आड़ में कराई डिलीवरी; 31 मिनट रुकी रही ट्रेन

रतलाम। गुजरात के वापी से यूपी के गाजीपुर की यात्रा कर रही एक महिला को ट्रेन में प्रसव पीड़ा हुई। ट्रेन के रतलाम पहुंचने पर इंजन के पास वाले जनरल कोच में यात्रियों ने शोर मचाया।
ऑन ड्यूटी आरपीएफ की महिला हेड कॉन्स्टेबल शिवानी तुरंत कोच में पहुंचीं। उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए सुरक्षित डिलीवरी कराई। महिला ने बेटी को जन्म दिया है। कोच में किलकारी गूंजते ही यात्रियों ने राहत की सांस ली और एक-दूसरे को बधाई दी।
हेड कॉन्स्टेबल शिवानी ने स्थिति को भांपते हुए सबसे पहले कोच से पुरुषों को वहां से अलग किया। इसके बाद महिला यात्रियों को साथ लिया और चादर व अन्य साधनों से आड़ (पर्दा) करके महिला की डिलीवरी कराई। जब शिवानी अंदर डिलीवरी करवा रही थीं, उस वक्त प्लेटफॉर्म पर बाहर की व्यवस्था आरपीएफ की एसआई श्रद्धा ठाकुर और टिकट चेकर गीता ने संभाली।
वापी से गाजीपुर जा रहा था परिवार
यह पूरा घटनाक्रम शनिवार सुबह रतलाम रेलवे स्टेशन का है। गाड़ी संख्या 20941 सुपर फास्ट बांद्रा टर्मिनस-गाजीपुर एक्सप्रेस में यूपी के गाजीपुर जिले के ताड़ीघाट की रहने वाली गर्भवती किरण (19) पति दीपूराम जनरल कोच में सवार थीं। वह परिवार के साथ वापी से गाजीपुर जा रही थीं।
रतलाम स्टेशन आने से पहले ही किरण को लेबर पेन शुरू हो गया था। ट्रेन शनिवार सुबह 8.29 बजे रतलाम रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 5 पर आकर रुकी। महिला की हालत देख यात्रियों ने मदद के लिए शोर मचाया था।
एंबुलेंस से जिला अस्पताल में कराया भर्ती
डिलीवरी की सूचना पर रेलवे हॉस्पिटल के डॉक्टर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने जच्चा-बच्चा दोनों की जांच की। इसके बाद परिवार की सहमति से हेड कॉन्स्टेबल शिवानी एम्बुलेंस से महिला और नवजात को लेकर जिला अस्पताल पहुंचीं। वहां दोनों को भर्ती कराया गया है। मां और बेटी दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। आरपीएफ द्वारा इस घटना की जानकारी शनिवार देर रात दी गई।
प्रार्थना करते रहे यात्री, 31 मिनट खड़ी रही ट्रेन
बांद्रा टर्मिनस-गाजीपुर एक्सप्रेस का रतलाम में 10 मिनट का स्टॉपेज है। लेकिन डिलीवरी के कारण ट्रेन सुबह 8.29 बजे से 9.02 बजे तक कुल 31 मिनट खड़ी रही। इसके बाद ट्रेन रवाना हुई। इस दौरान कोच के अन्य यात्री भी मां और बच्ची की सलामती की प्रार्थना करते रहे।
मिशन मातृशक्ति के तहत मिली मदद
आरपीएफ टीआई पी.आर. मीणा ने बताया कि मिशन मातृशक्ति के तहत ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए हमारे स्टाफ को विशेष रूप से तैयार किया गया है। इसी का नतीजा है कि महिला और बच्ची दोनों सकुशल हैं।

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