
रतलाम,14 सितंबर( News SSR )। महर्षि दधीचि की त्याग और सेवा परंपरा को जीवंत रखते हुए 88 वर्षीय शरद चंद्र लक्ष्मण राव कानडे की देह को गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर मेडिकल विद्यार्थियों के अध्ययन हेतु रतलाम मेडिकल कॉलेज को समर्पित किया गया। उनकी अंतिम इच्छा और परिवारजनों की सहमति से यह पुनीत कार्य संपन्न हुआ।
शासन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा दिवंगत कानडे को उनके निवास पर ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया, जिसके पश्चात सनसिटी स्थित निवास से उनकी अंतिम यात्रा मेडिकल कॉलेज पहुंची।
7 दिसंबर 1937 को जन्मे कानडे ने भारत-चीन और भारत-पाक युद्ध के समय सेना के लिए सहयोग राशि एकत्रित करने में सक्रिय भूमिका निभाई थी। रतलाम में मेडिकल कॉलेज न होने पर उन्होंने इंदौर में देहदान का संकल्प भरा था। बाद में समाजसेवी गोविंद काकानी के माध्यम से रतलाम मेडिकल कॉलेज में पंजीयन कराया।
1960 में शिक्षा विभाग से सेवा शुरू करने वाले कानडे अपनी ईमानदारी और कर्मठता के लिए जाने जाते थे। राजकीय सम्मान के साथ प्रभारी डीन डॉ. जगदीश चंद्र हुंडेकरी एवं मानव संरचना विभागाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंगरौले की उपस्थिति में मेडिकल कॉलेज ने देह अभिरक्षा में ली।
अंतिम विदाई के समय विभिन्न सामाजिक, प्रशासनिक और शैक्षणिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने गायत्री मंत्रोच्चार और पुष्पांजलि के साथ उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।