भजन गायक पं. गोपाल कृष्ण शर्मा ने बांधा भक्ति का समां, राधा-कृष्ण स्वरूप में सजे बालक-बालिकाओं ने मोहा मन

रतलाम। 07सितम्बर ( News SSR )गीता मंदिर महिला मंडल, रतलाम द्वारा सोमवार को गीता मंदिर परिसर में 101वां एकादशी नंदोत्सव संकीर्तन भक्तिभाव एवं उल्लास के साथ आयोजित किया गया।

दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक चले कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायक पं. गोपाल कृष्ण शर्मा ने भजनों एवं बधाई गीतों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।एकादशी संकीर्तन के अवसर पर मंदिर का आकर्षक एवं भव्य श्रृंगार किया गया। भगवान श्रीकृष्ण एवं अर्जुन का विशेष श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।

नंदोत्सव के दौरान राधा-कृष्ण के स्वरूप में सजे बालक-बालिकाएं भी उपस्थित हुए, जिससे मंदिर परिसर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का मनोहारी वातावरण बन गया।कार्यक्रम में महिलाओं ने पीले एवं केसरिया रंग की पारंपरिक वेशभूषा धारण कर भक्ति भाव से नृत्य किया। भजनों और बधाई गीतों के बीच पूरा मंदिर परिसर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों एवं संकीर्तन से गूंज उठा।‘यशोदा के भयो देखो लाल…’ पर झूमे श्रद्धालुपं. गोपाल कृष्ण शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की प्रसन्नता में बधाई गीत प्रस्तुत किया—“यशोदा के भयो देखो लाल,बधाई सारा भक्तां ने।बाज्यो रे बाज्यो देखो थाल,बधाई सारा भक्तां ने।।आज यो अंगणो धन्य हुआ रे,नंदलाला को जन्म हुयो रे।नाचो रे नाचो, नौ-नौ ताल,खुशखबरी या सबने सुनावो,झूमा रे नाचो, मौज मनावो,द्वापर में लियो अवतार।।महला में अगणो, अंगणे में पलनो,पलने में झूले नंद जी को ललनो,जिजरा उतारो बार-बार,बधाई सारा भक्तां ने।।’’बधाई गीतों पर महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और नंदोत्सव का आनंद लिया।
पं. गोपाल कृष्ण शर्मा का किया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान समिति की ओर से दीपक राजपुरोहित एवं संजय व्यास ने भजन गायक पं. गोपाल कृष्ण शर्मा का सम्मान कर उन्हें वस्त्र भेंट किए। इस अवसर पर दीपक राजपुरोहित ने 101 एकादशी संकीर्तन पूर्ण होने पर सभी श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों को बधाई दी तथा आयोजन में सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में भगवान की आरती की गई। इसके पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया गया। गीता मंदिर महिला मंडल ने आगामी एकादशी संकीर्तन में भी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर भक्ति एवं संकीर्तन का लाभ लेने का आह्वान किया।