ग्राम पंचायत मोरिया में करोड़ों के भ्रष्टाचार का आरोप, कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने दी आमरण अनशन की चेतावनी

रतलाम, 15 जुलाई ( News SSR )। जनपद पंचायत जावरा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मोरिया में 5वें वित्त की राशि में भारी गबन और भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासकीय राशि का दुरुपयोग कर उसे सरपंच के भाई और पुत्र के निजी खातों में ट्रांसफर कर दिया गया है। इस संबंध में ग्रामीणों ने मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान जिला कलेक्टर को एक शिकायती पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई की मांग की है।

कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में प्रार्थी महेश शर्मा एवं समस्त ग्रामवासी मोरिया व रणायरागुर्जर ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, सहायक सचिव, उपयंत्री (सब-इंजीनियर) और सहायक यंत्री ने आपस में मिलीभगत कर करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार को अंजाम दिया है। इस वित्तीय अनियमितता के कारण स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

सालभर से नहीं हुई कोई सुनवाई
ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले एक साल से इस भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस जांच या दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी और जनप्रतिनिधियों के हौसले बुलंद हैं।

मांग पूरी न होने पर आमरण अनशन का ऐलान
प्रशासन की इस उदासीनता से तंग आकर ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। शिकायती पत्र के माध्यम से ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे मजबूर होकर ग्राम पंचायत मोरिया में आमरण अनशन (भूख हड़ताल) पर बैठेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती और जांच पूरी नहीं होती, तब तक चाहे उनके प्राण ही क्यों न चले जाएं, उनका अनशन जारी रहेगा।

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