घर को सुरक्षित बनाने में व्यावसायिक चिकित्सक की मदद

रतलाम ।( News SSR ) हमारा घर सिर्फ रहने की जगह नहीं है; यह हमारी सुरक्षा, आज़ादी और आत्मविश्वास का भी घर है। लेकिन उम्र बढ़ने, चोट, स्ट्रोक या किसी बीमारी के बाद घर के छोटे-छोटे काम भी मुश्किल हो सकते हैं—जैसे नहाना, शौचालय जाना, रसोई में काम करना या सीढ़ी चढ़ना। ऐसे समय में व्यावसायिक चिकित्सक (Occupational Therapist) घर को व्यक्ति की ज़रूरत के हिसाब से सुरक्षित और आसान बनाने में मदद करते हैं।

रतलाम के Rehab Better Multidisciplinary therapy centre में डॉ. ईश्वर पाटीदार मरीजों को इसी तरह की सलाह और पुनर्वास सेवाएँ देते हैं। वे यह समझते हैं कि हर मरीज़ की ज़रूरत अलग होती है, इसलिए घर में कौन-से बदलाव ज़रूरी हैं, यह उसी के अनुसार बताया जाता है।

घर में क्या देखा जाता है?

व्यावसायिक चिकित्सक घर आकर या मरीज़ और परिवार से बात करके यह देखते हैं कि:

  • मरीज़ कहाँ-कहाँ फिसल सकता है या गिर सकता है।
  • बाथरूम, शौचालय और सीढ़ियाँ सुरक्षित हैं या नहीं।
  • घर में रोशनी पर्याप्त है या नहीं।
  • व्हीलचेयर, वॉकर या बैसाखी वाले व्यक्ति के लिए रास्ते आसान हैं या नहीं।
  • ज़रूरी सामान आसानी से पहुँचने वाली जगह पर है या नहीं।

अक्सर बाथरूम, शौचालय और सीढ़ियाँ सबसे ज़्यादा खतरनाक जगहें होती हैं, क्योंकि यहाँ फिसलने या गिरने का खतरा अधिक रहता है।

घर में कौन-से बदलाव कर सकते हैं?

हर महँगे काम की ज़रूरत नहीं होती। कई बार छोटे-छोटे बदलाव ही बड़ी दुर्घटना से बचा देते हैं:

  • बाथरूम और शौचालय के पास मजबूत ग्रैब बार लगवाना।
  • बाथरूम में फिसलन रोकने वाला मैट या टाइल्स लगवाना।
  • नहाने के लिए कुर्सी या शावर चेयर का इस्तेमाल करना।
  • सीढ़ियों, गलियारे और बाथरूम में अच्छी रोशनी करना।
  • ढीले कालीन, बिखरे तार और रास्ते में पड़े सामान हटाना।
  • व्हीलचेयर या वॉकर के लिए घर के बाहर या अंदर रैंप बनवाना।
  • शौचालय की सीट ऊँची करवाना, ताकि बैठने और उठने में आसानी हो।
  • रोज़ इस्तेमाल होने वाली चीज़ें कम झुककर या ऊपर हाथ बढ़ाकर लेने न पड़ें, ऐसी जगह पर रखना।

ग्रैब रेल, रैंप, अच्छी रोशनी और घर में सफाई जैसे बदलाव बुज़ुर्गों में गिरने का खतरा कम करने में मदद कर सकते हैं।

विशेषज्ञ की सलाह क्यों ज़रूरी है?

बाज़ार से रेलिंग या कोई उपकरण खरीदना आसान है, लेकिन उसे सही जगह, सही ऊँचाई और मरीज़ की ज़रूरत के अनुसार लगाना ज़रूरी है। गलत जगह लगी रेलिंग या गलत उपकरण मदद के बजाय नुकसान कर सकते हैं।

व्यावसायिक चिकित्सक मरीज़ की चलने-फिरने की क्षमता, रोज़ के काम, परिवार की मदद और घर की स्थिति देखकर सही सुझाव देते हैं। शोध में भी पाया गया है कि व्यावसायिक चिकित्सक की देखरेख में किए गए घर-संशोधन गिरने का खतरा कम करने में ज़्यादा असरदार होते हैं।

परिवार के लिए ज़रूरी बात

अगर घर में कोई बुज़ुर्ग, स्ट्रोक के बाद ठीक हो रहा मरीज़, विकलांग व्यक्ति या बार-बार गिरने वाला सदस्य है, तो घर की सुरक्षा पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है। इसके लिए रतलाम के Rehab Better Multidisciplinary therapy centre में डॉ. ईश्वर पाटीदार से संपर्क करके घर-सुरक्षा की सलाह ली जा सकती है।

सही बदलाव से घर सिर्फ सुरक्षित नहीं बनता, बल्कि मरीज़ को अपने पैरों पर खड़े होने और सम्मान के साथ जीने का मौका भी मिलता है।

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