
पिपलौदा ( News SSR ) वन विभाग के वन विद्यालय, झाबुआ में सर्प सुरक्षा, संरक्षण एवं रेस्क्यू विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वन विभाग के कर्मचारियों को सर्पों की पहचान, उनके व्यवहार, सुरक्षित रेस्क्यू की प्राथमिक जानकारी तथा आमजन में सर्पों के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करने के संबंध में जागरूक करना रहा।
प्रशिक्षण में करीब 40 से 50 कर्मचारियों ने हिस्सा लिया
प्रशिक्षण में ट्रेनर गणेश मालवीय पिपलोदा ने सर्पों के संरक्षण, मानव–सर्प संघर्ष को कम करने तथा सुरक्षित रेस्क्यू के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सर्प पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अधिकांश सर्प मनुष्य पर अनावश्यक रूप से हमला नहीं करते, इसलिए उनके प्रति भय के बजाय वैज्ञानिक समझ और सावधानी आवश्यक है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विषैले एवं विषहीन सर्पों की पहचान, सर्पों के सामान्य व्यवहार, रेस्क्यू के समय बरती जाने वाली सावधानियों तथा आम लोगों को जागरूक करने के उपायों के बारे में बताया गया। साथ ही, सर्पदंश की स्थिति में घबराने के बजाय पीड़ित को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाने, अनावश्यक घरेलू उपचार से बचने और प्रशिक्षित व्यक्तियों की सहायता लेने पर जोर दिया गया।
गणेश मालवीय पिपलोदा ने कहा कि सर्प संरक्षण केवल वन्यजीवों की रक्षा का विषय नहीं, बल्कि मानव जीवन, पर्यावरण और जैव विविधता के संरक्षण से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने वन विभाग के कर्मचारियों से अपील की कि वे रेस्क्यू कार्य के दौरान अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें तथा आमजन को भी सुरक्षित और वैज्ञानिक जानकारी प्रदान करें।
कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारी श्रीमती सीमा सिंह एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों में सर्पों के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण, संरक्षण भावना तथा सुरक्षित रेस्क्यू कार्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।