हजारों आदिवासी भाई-बहनों एवं बच्चों तक पहुँची सेवा की सौगात, नशामुक्त एवं सात्त्विक जीवन का दिलाया संकल्प

रतलाम।( News SSR ) दीपावली का पर्व खुशियाँ बाँटने और दूसरों के जीवन में आशा का दीप जलाने का अवसर है। इसी भावना को साकार करते हुए संत श्री आशारामजी बापू की पावन प्रेरणा से श्री योग वेदांत सेवा समिति, युवा सेवा संघ एवं महिला उत्थान मंडल रतलाम के द्वारा बुधवार, 4 नवंबर को ग्राम पाटड़ी, रामपुरिया विशाल आदिवासी भंडारे का आयोजन श्रद्धा, सेवा और आत्मीयता के साथ संपन्न हुआ।

इस आयोजन में हजारों आदिवासी भाई-बहनों एवं बच्चों ने सहभागिता की। भोजन प्रसादी के साथ जरूरतमंद परिवारों को कंबल, वस्त्र, बर्तन, जूते-चप्पल, खिलौने, नववर्ष कैलेंडर, सत्साहित्य सहित विभिन्न उपयोगी सामग्री वितरित की गई।

सेवा के इस पावन अवसर पर कहीं बच्चों के चेहरों पर खिलखिलाती मुस्कान दिखाई दी, तो कहीं परिवारों के मन में अपनत्व और संतोष की अनुभूति। छोटे-छोटे हाथों में खिलौने और जरूरतमंद परिवारों तक पहुँची उपयोगी सामग्री ने दीपावली की खुशियों को और भी खास बना दिया। यह आयोजन केवल सामग्री वितरण नहीं, बल्कि प्रेम, करुणा और मानवीय संवेदना को एक-दूसरे तक पहुँचाने का माध्यम बना।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित भाई-बहनों को नशे एवं मांसाहार से दूर रहने ,सात्त्विक जीवन अपनाने एवं स्वधर्म में रहने का संकल्प भी दिलाया गया। आयोजकों ने कहा कि सेवा का वास्तविक उद्देश्य केवल जरूरतें पूरी करना ही नहीं, बल्कि जीवन में सदाचार, स्वास्थ्य और सकारात्मक संस्कारों का प्रकाश फैलाना भी है।
इस पुनीत सेवा कार्य को सफल बनाने में सहयोग देने वाले ग्रामवासियों के प्रति आयोजकों ने हृदय से आभार व्यक्त किया। सभी के सामूहिक सहयोग से यह आयोजन सेवा, सद्भावना और मानवता का प्रेरणादायी उदाहरण बना।