रतलाम। रेलवे में नौकरी लगवाने का झांसा देकर 5 लोगों से लाखों रुपए ठगने के मामले में कोर्ट ने आरोपी मदनलाल बोरासी (64) निवासी रेलवे नर्स कॉलोनी रतलाम को 1 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 5 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। फैसला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सपना भारती कतरोलिया की कोर्ट ने सुनाया है।
फरियादी राकेश डामोर, प्यारसिंह, देवीसिंह, ललित कुमार सारस्वत और राजकुमार निनामा ने जीआरपी पुलिस, रतलाम को दिए आवेदन दिया था।
बताया था कि उनकी मुलाकात आरोपी मदनलाल बोरासी से हुई थी। वह स्वयं को रेलवे विभाग में प्रभावशाली बताया था। उसने कहा कि “शुक्ला साहब” से अच्छी जान-पहचान है। वह 15 लोगों को रेलवे में नौकरी लगवा सकता है।
हर व्यक्ति से 1.50 लाख मांगे
आरोपी ने प्रत्येक फरियादी से 1.50 लाख रुपए की मांग की। इसी बहाने पांचों से कुल 7 लाख 50 हजार रुपए ले लिए। शिकायतकर्ताओं ने यह राशि किसी से उधार, गिरवी और अन्य माध्यमों से जुटाई।
दो साल से बहाने बनाता रहा
आरोपी रुपए लेने के बाद दो साल से अधिक समय तक बहाने बनाता रहा। फरियादियों ने रुपए मांगे तो तो आरोपी ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 420, 294 और 506 भादंवि के तहत केस दर्ज किया। विवेचना पूरी होने पर चालान कोर्ट में पेश किया।
अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों से सहमत होते हुए कोर्ट ने आरोपी मदनलाल को धारा 420 भादंवि में दोषी मानते हुए 1-1 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनाई। प्रकरण की पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी राजेंद्रसिंह सिंह सागर ने की।