
आलोट।06अगस्त ( News SSR )नगर के महावीर विद्यालय की स्कूल बस की सुरक्षा व्यवस्था और विद्यालय प्रबंधन के रवैये को लेकर गुरुवार को अभिभावकों और विद्यार्थियों का आक्रोश खुलकर सामने आया। खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे विद्यार्थियों ने स्कूल बस में बैठने से इनकार कर दिया और प्रैक्टिकल परीक्षा होने के बावजूद स्कूल जाने से मना कर दिया। करीब तीन घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद नायब तहसीलदार हेमलता डिंडोर मौके पर पहुंचीं। उन्होंने अभिभावकों की बात सुनी और एसडीएम विवेक सोनकर के नाम संबोधित ज्ञापन प्राप्त किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने प्रशासन के आश्वासन पर स्कूल जाना स्वीकार किया।अभिभावकों ने आरोप लगाया कि विद्यालय विद्यार्थियों से मोटी फीस तो वसूल रहा है, लेकिन स्कूल बसों में सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम नहीं किए गए हैं। उनका कहना है कि बसों में जीपीएस सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं, महिला परिचालक की व्यवस्था नहीं है तथा चालक और परिचालक के पास निर्धारित यूनिफॉर्म एवं चरित्र सत्यापन संबंधी दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं हैं। इन कमियों के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है।प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने भी विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका आरोप था कि विद्यालय में उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जाता है। बच्चों की शिकायतों के बाद अभिभावकों का आक्रोश और बढ़ गया।घटनास्थल पर पहुंचे विद्यालय के प्राचार्य मनोज शर्मा ने अभिभावकों से चर्चा करते हुए 9 अगस्त को विद्यालय में बैठक आयोजित करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि बैठक में विद्यालय प्रबंधन, अभिभावकों और विद्यार्थियों की मौजूदगी में सभी शिकायतों पर चर्चा कर समाधान का प्रयास किया जाएगा।अभिभावकों हेमेंद्र निगम, विद्यानंद गोस्वामी, शशिकांत शर्मा, मनीष व्यास, सहित अन्य ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले विद्यालय की बस ने छोटे-छोटे बच्चों को बस स्टॉप से पहले ही एक किलोमीटर दूर रेलवे फाटक के उस पार उतार दिया था जिस कारण बच्चे बंद फाटक से ही पटरी पार करने लग गये उनका कहना है कि यदि उस दौरान कोई दुर्घटना हो जाती तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता। अभिभावकों ने इस मामले की भी जांच कर कार्रवाई की मांग की।अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय से जुड़ी कई शिकायतें पूर्व में भी प्रशासन को दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।