
रतलाम ( News SSR )। शासकीय चरागाह भूमि पर अवैध अतिक्रमण और निर्माण के खिलाफ लगातार गुहार लगाने के बावजूद कार्रवाई न होने से परेशान ग्रामीण मंगलवार को एक बार फिर जनसुनवाई में पहुंचे। आवेदक परमानन्द पिता भेरूलालजी नागदिया (निवासी- ग्राम उसरगार, थाना नामली, जिला रतलाम) ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के समक्ष अपनी व्यथा सुनाई।
आवेदक का कहना है कि वे पूर्व में करीब सात से आठ बार जनसुनवाई में शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल तहसीलदार कुलभूषण शर्मा को प्रकरण के त्वरित निराकरण और नियमानुसार सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
क्या है पूरा मामला ?
आवेदक परमानन्द नागदिया ने अपने शिकायत पत्र में उल्लेख किया है कि ग्राम उसरगार (तहसील व जिला रतलाम) स्थित शासकीय चरागाह भूमि सर्वे क्रमांक 51/1 पर अनावेदकों (मुकेश पिता मदनलाल गेहलोद, अनिल पिता सुखदेव पाटीदार एवं सुनिल पिता सुखदेव पाटीदार) द्वारा अवैध रूप से वेयर हाउस एवं पक्के मकान का निर्माण कर अतिक्रमण कर लिया गया है।
जांच और पंचनामा के बावजूद अटकी कार्रवाई
आवेदक के अनुसार, पूर्व में की गई शिकायतों पर एस.एल.आर. तथा तत्कालीन नायब तहसीलदार द्वारा मौके का स्थल निरीक्षण कर पंचनामा भी बनाया गया था। जांच में अवैध अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद तहसीलदार महोदय को अतिक्रमण हटाने हेतु निर्देशित किया गया था। हालांकि, जांच और पंचनामा बनने के बावजूद मौके से अवैध पक्के निर्माण को अब तक नहीं हटवाया जा सका है।
कलेक्टर ने दिए निराकरण के निर्देश
मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान फरियादी ने कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह को आवेदन सौंपकर बताया कि बार-बार चक्कर काटने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। इस पर कलेक्टर ने मामले को संज्ञान में लेते हुए तहसीलदार कुलभूषण शर्मा को निर्देश दिए कि चरागाह भूमि पर किए गए अवैध निर्माण की जांच कर जल्द से जल्द अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए और शासकीय भूमि को मुक्त कराया जाए।